बरईपार। पशुपालन विभाग की ओर से पशुओं को खुरपका और मुंहपका रोग से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है। अभियान 15 सितंबर से 45 दिन तक चलाया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मछलीशहर डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि यह संक्रामक रोग है जो हवा, पानी और सीधे रोगी पशुओं के संपर्क से स्वस्थ पशुओं में फैलता है। यह रोग अधिकतर गोवंशीय पशु विशेषकर शंकर एवं विदेशी नस्ल के पशुओं को ज्यादा प्रभावित करता है। इससे पशुओं की उत्पादन क्षमता प्रभावित होती है। अधिक संक्रामक होने पर मृत्यु भी हो सकती है। पशुओं को शुरुआती दौर में तेज बुखार होता है और मुंह से लार गिरना शुरू हो जाता है। पशुओं के मुंह जीभ में छाले बन जाते हैं। इससे वह चारा खाना छोड़ देता है। खुरों में भी छाले और घाव बन जाते हैं। जिससे पशुओं को चलने में दिक्कत होती है। खुरपका, मुंहपका रोग से बचाव का एक मात्र तरीका टीकाकरण है। ब्लॉक में टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। आठ माह के ऊपर के गर्भ धारण किए पशुओं एवं चार माह तक के छोटे पशुओं को टीका नहीं लगेगा।