जौनपुर। डेंगू से जिले के दो लोगों की मौत हो गई। दोनों ही दूसरे शहरों में रहते थे। हालांकि अब तक इस बीमारी से जिले के नौ लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य महकमा उदासीन बना हुआ है। रोकथाम के ुपाय नहीं किए जा रहे हैं। रविवार को रामदयालगंज के सादात बिंदुली, खुटहन के उसरौली और बदलापुर के मेढा गांव में एक-एक लोगों की मौत हो गई। सादात बिंदुली गांव में तो चार लोग बीमारी की चपेट में हैं।
खुटहन क्षेत्र के उसरौली गांव निवासी में रियासत अली का पुत्र आरिफ अली (18) जो आरएलएस कान्वेंट स्कूल में कक्षा 11वीं का छात्र था। एक सप्ताह पहले से उसे बुखार आ रहा था। परिवार वालों ने वाराणसी के हेरीटेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। आराम नहीं होने पर परिजन उसे इलाज के लिए लेकर दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल जा रहे थे। कानपुर में हालत बिगड़ने पर वहां निजी चिकित्सक को दिखाया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। बदलापुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मेंढ़ा निवासी कपिलदेव दुबे (28) की डेंगू की चपेट में आने से रविवार को बरेली के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। वे नई दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरीा करते थे। चार दिन पूर्व हुए बुखार से उनकी हालत बिगड़ने लगी। दिल्ली में इलाज से राहत नहीं मिलने पर वह मित्र धीरज सिंह के साथ शनिवार को ट्रेन पकड़ कर अपने गृह गांव मेढ़ा आ रहे थे। बरेली में उनकी हालत बिगड़ने लगी तो एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गयी। लाइन बाजार क्षेत्र के रामदयालगंज सादात विंदुली गांव निवासी संजू देवी (38), पुष्पा देवी (45), कमलेश शर्मा की पुत्री अनुराधा (9) और शिव निषाद (44) डेंगू की चपेट में है। उनका निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। शिव निषाद की स्थिति गंभीर बनी हुई है। हालांकि गांव में अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची।