मुआवजे के लिए लगा रहे तहसील का चक्कर
केराकत। दो वर्ष पूर्व हुई रेल दुर्घटना में मुवावजे के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे मृतक के परिजन का धैर्य बृहस्पतिवार को जवाब दे गया। वह सिस्टम को कोसते हुए तहसील कार्यालय में माल बाबू के दफ्तर में वह कर्मचारियों पर भड़क गए। अनावश्यक दौड़ाने के लिए तहसील कर्मचारियों को खूब खरीखोटी सुनाई।
उस समय हंगामा मच गया जब मनियारेपुर निवासी संतोष पांडेय अपनी भाभी मृतक पूजा पांडेय लिए मुआवजे की रकम के लिए चक्कर लगाकर थक गया और तहसील कर्मियों पर भड़क गया। बाद में बार संघ के महामंत्री के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। संतोष पांडेय ने बताया कि 26 नवंबर 2016 को पुखरायां रेल दुर्घटना में उनके बड़े भाई रविन्द्र कुमार पांडेय व भाभी पूजा पांडेय व दो पुत्रों में से एक पुत्र ऋषभ पांडेय की मौत हो गई थी। एकमात्र पुत्र आदर्श जो कि इस समय 5 वर्ष का है उस समय हादसे में बच गया। उस समय सरकार द्वारा घोषित मुआवजा भाई व बच्चे का मिला किंतु लिपकीय भूल के चलते पूजा पांडेय का नाम दुर्घटना में उत्तर प्रदेश की मृतक सूची में न होने से मुआवजा नहीं मिला। परिजनों ने मुख्यमंत्री के यहां शिकायत की वहां से तहसील से रिपोर्ट मांगी गई। तब से वे रिपोर्ट के लिए कभी तहसील के इस पटल तो कभी उस पटल पर चक्कर लगा रहा है। इसको लेकर मृतक पूजा पांडेय के देवर संतोष पांडेय का धैर्य जवाब दे गया। वह माल बाबू रमेश कुमार पर भड़क गए। और सभी पर अनावश्यक दौड़ाने व परेशान करने का आरोप लगाते हुए खूब खरी खोटी सुनाई। माल बाबू द्वारा कहा गया कि उनकी फाइल एसडीएम कार्यालय 10 दिन पूर्व में पहुंच गयी है। भीड़ जुट गई तो तहसील बार संघ के महामंत्री हीरेंद्र यादव ने बीचबचाव करते हुए मामला शांत कराया।