जौनपुर। जिला गन्ना अधिकारी हुदा सिद्दीकी ने बताया कि गन्ना एवं चीनी आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने विभागीय अधिकारियों को अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की बुवाई नहीं कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही बताया है कि अस्वीकृत प्रजाति का गन्ना की बुवाई से औसत उपज एवं चीनी परता अपेक्षाकृत कम प्राप्त होता है। जिससे चीनी मिलें भुगतान में हीलाहवाली करती हैं। उन्होंने कहा है कि पेराई सत्र 2019-20 में केवल स्वीकृत प्रजाति के गन्ने की खरीद एवं पेराई चीनी मिलों द्वारा की जाएगी। इस स्थिति में किसान भाई स्वीकृत प्रजाति का ही गन्ना बीज प्रचलन में लाते हुए शरदकालीन एवं बसन्तकालीन में गन्ने की बुवाई करें। जिससे चीनी मिलों द्वारा समय से किसानों का गन्ना क्रय करते हुए पेराई की जा सके। इससे गन्ना मूल्य का भुगतान आसानी से सुनिश्चित किया जा सके।