बदलापुर/घनश्यामपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले धन का उपयोग अपने निजी कार्यों में कर लिए जाने पर आवास के 36 लाभार्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो सकती है। आरोप है कि इन लाभार्थियों ने आवास के पैसे को दूसरे के मद में खर्च कर लिया है, जिससे आवास का निर्माण नहीं हो सका। इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए बीडीओ ने तहरीर दे दी है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत वर्ष 2016-17 और 2017-18 में बदलापुर ब्लाक के 36 लाभार्थियों को 28 लाख रुपये की धनराशि आवास बनाने के लिए मिली थी। आवास बनाने के बजाय धन को निजी उपयोग में खर्च कर लिया है। इसकी जानकारी बदलापुर के खंड विकास अधिकारी रमाशंकर सिंह को आवास निर्माण की प्रगति रिपोर्ट में हुई। उन्होंने पहले उन लाभार्थियों पर आवास निर्माण कराने के लिए दबाव बनाया। जब बात नहीं बनी तो खंड विकास अधिकारी ने धन की वसूली का नोटिस जारी किया। आवास का निर्माण नहीं करने के साथ ही सरकारी धन की वापसी न किए जाने से नाराज बीडीओ रमाशंकर सिंह ने संबंधित लाभार्थियों पर सरकारी धन हड़पने के संबंध में उनसे थाने पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर भेज दी है। जिन 36 लाभार्थियों पर एफआईआर दर्ज कराया जाना है, उनमें बदलापुरखुर्द गांव की लालती, अरबिंद, अन्नू, राजेश, बहरीपुरकला गांव के समीउल्ला, ग्राम भटेहरा के जगदीश, सत्यप्रकाश, भूला की फूलपत्ती, दुगौलीकला की सैना, ग्राम फत्तूपुर के कुतबुल, चांद अली, गोपालापुर के खदेरू गौतम, हिम्मतपुर के राजेश, राम आसरे, कछौरा के संजय गिरि, कस्तूरीपुर के मो. रफीक, राम आसरे, मो. मुस्तकीन, करम अली और मो. मुनीर, खालिशपुर के लालचंद, कुशहा द्वितीय के श्रवण, प्रमोद, संतोष, मिरशापुर गांव की पराना, नाभीपुर के मगनलाल, रारीकला की पराना देवी, सिरिकिना की कमला प्रसाद, राजेश कुमार, तिलवारी के चिंतामणि, शाहपुरशानी के नरेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत तियरा के बहाऊ देवी, रामसूरत पाल, चंद्रकली यादव और सुमन हैं।