जफराबाद। सड़क चौड़ीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने का नोटिस मिलने के बाद जफराबाद के व्यवसायियों ने अपने मकानों और दुकानों को तोड़वाकर हटा दिया है। अब मास्टर प्लान के नाम पर उन्हें फिर नक्शा बनवाने के लिए अल्टीमेटम दिया जा रहा है। उनसे अवैध तरीके से धन उगाही की जा रही है।
जफराबाद बाजार में अतिक्रमण हटाने के लिए लेखपाल की ओर से बाजार में स्थित घरों और दुकानों पर लाल निशान अप्रैल महीने में लगाया गया था। उप जिलाधिकारी के आदेश पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने 21 मई को जफराबाद नगर पंचायत के मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के लिए कुल 170 दुकानदारों और बाजारवासियों को नोटिस दिया था। पीडब्ल्यूडी विभाग ने एक सप्ताह में लाल निशान तक दुकान और मकान तोड़ने का निर्देश दिया था। ऐसे में जफराबाद के व्यवसायी अपनी-अपनी दुकानों को फौरन तोड़कर लाल निशान के पीछे हो गए। जो गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर बाजारवासी थे, वह इस बात के इंतजार में रह गए कि पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से उनकी दुकान या मकानों को तोड़वा देगा। अतिक्रमण टूटने के बाद बाजार की स्थिति नर्क जैसी हो गई है। जगह-जगह मलबा एकत्रित हैं। ऐसे में मास्टर प्लान से नक्शा बनवाने के नाम पर जफराबाद के व्यवसाइयों से अवैध वसूली करने लगे हैं। जफराबाद के एक सराफा व्यवसायी ने बताया कि सोमवार को एक मास्टर प्लान ऑफिस से एक अधिकारी होने की बात कहकर एक व्यक्ति ने उनको ऑफिस में आकर मिलने के लिए कहा और जब व्यवसायी मास्टर प्लान ऑफिस पहुंचा तो वहां मौजूद मास्टर प्लान का कर्मचारी बताने वाला व्यक्ति नया नक्शा बनवाने के नाम पर उनसे पांच हजार की मांग करने लगा। जफराबाद बाजार की गड्ढायुक्त सड़कों में मिट्टी भर जाने तथा बारिश के पानी के कचरों से जीना दुश्वार हो गया है। विभाग के गैर जिम्मेदार तथा लापरवाही से लोगों में आक्रोश है।