मछलीशहर। क्षेत्र के कटाहित गांव में कोयले से बिजली उत्पन्न करने वाले विद्युत उत्पादन केंद्र की स्थापना प्रस्तावित है। राजस्व विभाग द्वारा भूमि के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।अब किसान मुआबजा राशि कम होने के कारण अपनी भूमि देने से मुकर रहे है। जिससे परियोजना के स्थापना को लेकर संकट उतपन्न हो गया है।
कटाहित में कोयले से बिजली उतपन्न करने वाले थर्मल पावर प्लांट की स्थापना प्रस्तावित है। इस प्रॉजेक्ट के लिए राजस्व विभाग द्वारा भूमि का चयन भी किया गया। लगभग 30 एकड़ भूमि सरकारी खाते की खाली मिल गई। शेष जमींन किसानों से मुआवजा देकर प्राप्त करने की योजना बनाई गई है। पहले तो किसानों ने भूमि देने पर मौखिक रूप से सहमति जताई थी । लेकिन जब मुआबजा राशि सर्किल रेट की डेढ़ गुना प्राप्त होने की जानकारी उन्हें मिली तो अब जमींन देने से मुकर रहे है। अधिकारियों से मिलकर किसानों ने अपने निर्णय से अवगत कराया है। अब भूमि को लेकर उत्पन्न हुए विवाद के कारण पावर प्लांट की स्थापना का काम अधर में लटकता प्रतीत हो रहा है।