धर्मापुर। केराकत मार्ग पर जनपद मुख्यालय से सात किमी पूर्व दक्षिण तरफ धर्मापुर के पोखरे के पास प्रत्येक वर्ष होने कुश्ती को लेकर दो पक्ष आमने सामने हो गए हैं। पच्चासों की संख्या में ग्रामीण पुरुष व महिलाओं ने अखाड़े पर दस बजे सुबह आकर विरोध करते हुए कुश्ती दंगल के कार्यक्रम को रोक दिया।
दंगल रोकने वाले बसंता सरोज, शारदा सरोज, हरिसरोज आदि ने यह कहकर रोक दिया कि सरकारी अभिलेख में जहां दंगल की जमीन व सरकारी कार्य हेतु छूटी हुई जमीन है, वहां कुश्ती दंगल कराना चाहिए। वहीं इसी ग्राम के राजेश यादव ,ग्राम प्रधान लालचंद यादव, जयहिन्द यादव, कमला यादव, अच्छे लाल निषाद, मेवालाल यादव एव अच्छेलाल यादव आदि का कहना था कि कुश्ती दंगल इसी स्थान पर पिछले 50 वर्षों से कुश्ती दंगल हो रहा है। पांच जुलाई को जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी को प्रार्थना पत्र देकर पैमाइश कराने की मांग की गई थी। जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को पैमाइस कराने का आदेश दिया था। एसडीएम सदर नौ जुलाई को नायब सीलदार सदर, सहायक चकबंदी अधिकारी धर्मापुर, राजस्व निरीक्षक सरेमू व क्षेत्रीय लेखपाल व क्षेत्रीय लेखपाल चकबंदी की कमेटी गठित कर दिया। किन्तु आज तक न तो किसी अधिकारी व कर्मचारी को फुर्सत नहीं मिली कि वह मौके पर आकर मामले का निस्तारण कर सके। एसओ गौराबादशाहपुर उदय प्रताप सिंह मौके पर मौजूद रहे। मामले को किसी तरह शांत कराया।