जौनपुर। जेसीआई जौनपुर अध्यक्ष संतोष अग्रहरि की अध्यक्षता में सेवा सप्ताह का शुभारंभ नगर के टाउन हाल मैदान में हुुआ। मुख्य अतिथि दिनेश टंडन एवं मुख्य वक्ता पूर्व अध्यक्ष रवि मिंगलानी ने उद्घाटन किया। विशिष्ट अतिथि व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री सोमेश्वर केसरवानी रहे।
उमरपुर स्थित हॉस्पिटल पर मेडिकल कैंप आयोजित किया गया। अरुण त्रिपाठी ने सेवा सप्ताह के बारे में जानकारी दी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने एवं खानपान का उचित ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विनय तिवारी ने आयोजन की प्रशंसा की।कार्यक्रम निदेशक संजीव तिवारी ने आभार व्यक्त किया। सेवा सप्ताह के दूसरे कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजघ्न किया गया। आयोजन कृष्ण कुमार व चंदन अग्रहरी के निर्देशन में हुआ। इसके बाद डेंटल कैंप का आयोजन नगर के डेंटल क्लीनिक पर किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मदन मोहन वर्मा ने मुख एवं दंत रोगों के विषय में विस्तृत रूप से समझाया। डॉ. प्रशांत द्विवेदी ने सभी जरूरतमंद मरीजों का डेंटल चेकअप करते हुए अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने एवं दांतों की देखभाल के लिए उपाय बताए। डेंटल चेकअप का संयोजन राधेश्याम जायसवाल ने किया। कार्यक्रम निदेशक मनीष मौर्य रहे। संचालन संदीप पांडे ने किया। सप्ताह चेयरमैन नीरज श्रीवास्तव ने सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रमों के लिए समर्पित रहने का आह्वान किया। जॉइंट चेयरमैन संजय गुप्ता ने सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा बताई। इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष राधेरमण जायसवाल, उप मंडल अध्यक्ष आलोक सेठ, पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर जायसवाल, कृष्ण कुमार जायसवाल, कृष्ण गोपाल जायसवाल, सत्य प्रकाश जायसवाल, अतुल गुप्ता, आशुतोष जायसवाल, रमेश श्रीवास्तव, दीपक वाधवा, राजकुमार जायसवाल, सुधीर सेठी, दिलीप जायसवाल, भरत, आशीष सोनी, गौरव सेठ, हाफिज शाह, कृष्ण कुमार अग्रहरी, रंजीत सिंह सोनू, संदीप पांडेय, राधेश्याम जायसवाल आदि उपस्थित रहे।
जेसीआई चेतना द्वारा जेसी सप्ताह सात सुर के प्रथम दिन रविवार को प्री म्योच्योर शिशुओं को लेकर एक नर्सिंग होम में सेमिनार का आयोजन हुआ। अध्यक्ष चारू शर्मा ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को कम जानकारी होने की वजह से प्री म्योच्योर शिशुओं की उचित देखभाल न होने की वजह से उनकी मौत हो जाती है। डा. विकास रस्तोगी ने बताया कि आज प्री म्योच्योर शिशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है जिसका मुख्य कारण गर्भावस्था के दौरान लापरवाही व समय से डाक्टर से सलाह न लेना है। गर्भावस्था में ही वैक्सीन लेकर उचित खानपान व रूटीन चेकअप द्वारा शिशुओं की नाभि में सुरक्षा की जा सकती है। इसके अलावा अगर शिशु को जन्म के साथ कोई दिक्कत आ रही है तो तुरंत इनक्यूवेटर में शिशुओं को रखकर उन्हें सुरक्षित कर सकते हैं। संचालन सचिव कल्पना केसरवानी ने किया। मेघना रस्तोगी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मधु गुप्ता, डाली गुप्ता, नीतू गुप्ता, आराधना उपस्थित रहे।