जौनपुर। थाने के मालखाने में बेतरतीब तरीके से जब्त सामग्री रखी जाती है। जब्त वाहन भी इधर-उधर फेंके रहते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अग्निशमन उपकरण तीन साल से एक्सपायर्ड हैं और उनका कोई पुरसाहाल नहीं। यह बातें जिले के प्रभारी अधिकारी और प्रमुख सचिव दुग्ध विकास डा. सुधीर एम. बोबडे़ के निरीक्षण में सामने आईं। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं थाना जलालपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। कमियां मिलने पर कर्मचारियों को फटकार लगाई और कहा कि मरीजों को दवाएं बाहर की नहीं लिखी जानी चाहिए। मरीजों से अस्पताल की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी हासिल की। उन्होंने केराकत तहसील के मई व भड़ेहरी गांव में गोमती नदी पर निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया।
जलालपुर थाने में उन्होंने चार नंबर रजिस्टर, समाधान रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों देखे। समाधान दिवस पर मिलने वाली शिकायतों का पूरी तरह समाधान करने को कहा। मालखाना में अव्यवस्थित ढंग से रखे गए कागजात व सामानों को देखकर नाराजगी जताई। थानाध्यक्ष ने बताया कि मालखाने का एक वीडियो वायरल होने के बाद इंचार्ज को कुछ दिन पहले निलंबित कर दिया गया था। इस पर उन्होंने मालखाना इंचार्ज को चेतावनी दी कि वे उसे दुरुस्त करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। थाने में खड़ी लावारिस व सीज गाड़ियों के बारे में थानाध्यक्ष देवता नंद सिंह ने बताया कि थाने के अंदर जो भी गाड़ियां सीज हैं, उनके मालिक को नोटिस दी जा रही है। कोर्ट के आदेश आने के बाद लावारिस गाड़ियों की नीलामी की जाएगी। उन्होंने एसडीएम से भी पूूछा कि कितनी बार आप थाने में आए हैं। इनकार करने पर उन्होंने कहा कि इस तरह नहीं चलेगा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में उन्होंने अग्निशमन यंत्र देखा तो पता चला कि उसे वर्ष 2015 के बाद रिफिल नहीं किया गया था। चिकित्सकों ने बताया कि विद्यालयों में सप्ताह में एक बार चिकित्सकों की टीम जांच करने जाती है। कोई बच्चा गंभीर रूप से बीमार मिलता है तो उसको प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाकर इलाज किया जाता है। प्रमुख सचिव ने बच्चों का दंत परीक्षण करने, जिन बच्चों की जांच होती है, उनका आधार नंबर दर्ज करने और ब्लड ग्रुप रजिस्टर बनाने को कहा। दवाओं के रखरखाव की जानकारीा ली और स्टोर रूम में फ्रिज न देख कर एंटी रैबीज वैक्सीन और अन्य फ्रीज में रखने वाले इंजेक्शन के बारे में पुछताछ की। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज सिंह ने बताया कि इस प्रकार की इंजेक्शन को फ्रीजर में रखा गया है। बताया कि चिकित्सालय में कुल 6 गैस सिलेंडर मौजूद है और ओपीडी 24 घंटे चलती रहती है। जननी सुरक्षा योजना के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने पूर्व माध्यमिक विद्यालय महिमापुर की छात्रा अल्फिया बानो, डालसी गुप्ता तथा छतरीपुर के राज यादव से व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
उसके बाद प्रमुख सचिव केराकत पहुंचे। मऊ-टउवॉ-पसेवा मार्ग के मई घाट तथा बेलाव-पराऊगंज मार्ग के मडेहरी घाट पर गोमती नदी सेतु का निरीक्षण किया। प्रमुख सचिव ने दोनों परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा। सहायक परियोजना प्रबंधक आरएस विश्वकर्मा ने बताया कि उक्त परियोजनाओं का निर्माण सेतु निर्माण इकाई वाराणसी द्वारा कराया जा रहा है। भडेहरी घाट व निर्माणाधीन सेतु की स्वीकृत लागत 785.03 लाख तथा लंबाई 237.68 मीटर है। मई घाट पर निर्माणधीन सेतु की स्वीकृत लागत रु0 672.47 लाख तथा लंबाई 209.43 मी. है। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी, मुख्य विकास अधिकारी गौरव वर्मा, उपजिलाधिकारी केराकत, डीडीओ दयाराम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विरेँद्र सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी आरके सिंह आदि उपस्थित रहे।
व्यापारियों ने प्रमुख सचिव को दिया पत्रक
जलालपुर। प्रमुख सचिव द्वारा थाने के निरीक्षण के दौरान कस्बा के व्यापारियों ने बाजार के विभन्न समस्याओं के संबंध में प्रमुख सचिव को पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग किया। व्यापार मंडल अध्यक्ष पवन गुप्ता, सुरेश गुप्ता, राजेश गुप्ता आदि व्यापारियों ने कस्बा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को यहां से दूसरी जगह स्थांतरित न करने की मांग किया। जलालपुर चौराहे पर लगे 250 केवीए के ट्रांसफार्मर को बार-बार जलने तथा कस्बा स्थित शाही पुल जर्जर होने और रेलिंग टूटने के संबंध में पत्र देकर ठीक कराने की मांग किया। प्रमुख सचिव ने व्यापारियों से कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। थाने के चौकीदारों ने मानदेय बढ़ाने तथा रेगुलर ड्यूटी करने संबंधी पत्रक प्रमुख सचिव को सौंपा।