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जर्जर हुए पुल और पुलिया, जोखिम भरा हुआ सफर

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जौनपुर। जिले में नेशनल हाईवे से लेकर कई अन्य मार्गों पर बने पुल और पुलिया जर्जर हो चुके है। जिम्मेदार अफसर इससे बेखबर हैं। वाराणसी -सुल्तानपुर हाईवे पर शहर के करीब कलीचाबाद के पास बनी पुलिया, गोमती और सई नदी पर बना शाही पुल, महराजगंज के कंधी के पास सई नदी पर बना पुल और धीरदास पुल समेत कई अन्य पुल और पुलिया जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। लेकिन धीरदास पुल को छोड़ सभी पुलों से भारी वाहनों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। जिला प्रशासन समय रहते नहीं चेता तो जर्जर पुलों पर कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। अमर उजाला ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न पुलों की पड़ताल की तो पता चला जर्जर पुलों से बिना किसी रोक टोक के भारी वाहनों का संचालन हो रहा है।
वाराणसी लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कलीचाबाद के पास नाले पर बनी पुलिया जर्जर हालत में है। पुलिया के दोनों किनारों पर 40 फीट गहरी खाई हैं। पुलिया की दोनों तरफ की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बीच पुलिया पर गड्ढे बन गए और उसमें दरारें पड़ गई हैं। हाईवे से गुजरने वाले सभी भारी वाहन इसी जर्जर पुलिया से होकर निकलते हैं। अभी वर्ष 2008 में कलीचाबाद की पुलिया का एक हिस्सा टूट गया था तो उसकी चौड़ाई को कम कर दूसरी रोलिंग बना दी गई। अब इस पुलिया से दो वाहन एक साथ आमने सामने से पार नहीं कर सकते। यही वजह है कि यहां कोई भी दिन ऐसा नहीं होता कि जब पुलिया के पास हाईवे पर वाहनों का जाम न लगता हो। सई नदी पर कंधी घाट का पुल भी क्षतिग्रस्त हो रहा है। पुल पर लगे स्लीपर का प्लास्टर टूट गया है और सरिया बाहर दिख रही है। यह पुल मछलीशहर तहसील को बदलापुर और शाहगंज को जोड़ता है। पिलर संख्या दो के पास स्लीपर का प्लास्टर टूट रहा है। उधर इसी नदी पर इलाहाबाद शाहगंज मार्ग पर सुजानगंज के धीरदासपुल का एक हिस्सा पिछले महीने में ही टूट गया। जिसे देखते हुए पुलस से भारी वाहनंों का संचालन रोक दिया गया है। अब इस मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहन कंधी पुल से होकर ही गुजरते हैं। मछलीशहर जंघई सड़क पर बंधवाबाजार के पास बसुई नदी पर बना पुरानी पुल जर्जर हो चुका है। हालांकि पिछले साल ही लोक निर्माण विभाग ने पुल के नीचे सीमेंटेड पाइप और मिट्टी भरकर पुल की मरम्मत करने का काम किया है।
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रखरखाव के अभाव में जीर्णशीर्ण हो रहा शाही पुल
जौनपुर। शहर में गोमती नदी पर बना शाही पुल और जलालपुर में सई नदी पर बना शही पुलल जीर्णशीर्ण हो रहा है। इन दोनों ऐतिहासिक पुलों की दीवारों पर पीपल और पाकड़ के बड़े बड़े पेड़ उग आए हैं जो पुल की दीवारों को कमजोर कर रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार विभाग के अफसरों को इस ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा के लिए फुर्सत ही नहीं है। जौनपुर शहर में गोमती नदी पर बने शाही पुल पर की दीवारें दरक रही हैं। जलालपुर में शाही पुल से भारी वाहनों के संचालन पर पूर्व में ही रोक लगी थी। इसके लिए पुल के दोनों छोर पर गार्डर लगाकर भारी वाहनों के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई थी लेकिन बाद में बैरिकेडिंग टूट गई और इसी पुलस से भारी वाहन भी फर्राटे भरते हैं।
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बारिश के समय में सेतु निगम पुलों की जांच कराता है। जौनपुर में किसी पुल के जर्जर होने की रिपोर्ट नहीं मिली है। अगर रिपोर्ट मिलती है तो उसकी जांच कराकर मरम्मत कराया जाएगा।
राधा कृष्ण
एक्सईएन सेतु निगम
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