जौनपुर। दहेज की मांग को लेकर पत्नी की हत्या करने वाले पति गुल्लू यादव को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम महेंद्र सिंह (चतुर्थ) ने बुधवार को खुले न्यायालय में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं बीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन कथानक के अनुसार वादी मुकदमा फूलचंद पुत्र रघुनाथ यादव निवासी बन पसिया पोस्ट खुटहन तहसील शाहगंज ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसने अपनी पुत्री कुसुम की शादी गुल्लू यादव पुत्र लालजी यादव निवासी मल्हनी थाना सरायख्वाजा के साथ 2007 में किया था। शादी के समय 40000 नगद चेन, अंगूठी, लड़की के जेवर आदि सामान दिया था। किंतु उसके ससुराल वाले उपहार से संतुष्ट नहीं थे। वह दहेज में गाड़ी और 50000 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। लड़की मायके जब आती थी तब हम लोगों से सारी बात बताती थी। मांग पूरी नहीं होने पर 2 मार्च 2012 को पति गल्लू, देवर हीरा, सास श्यामा देवी व देवरानी अनीता ने उसकी हत्या कर दी। रात एक बजे लड़की के मामा ने फोन पर बताया कि कुसुम की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है। जब हम लोग रात 2 बजे उसके ससुराल पहुंचे तो देखा कि कुसुम की हत्या कर दी गई है। हत्या में प्रयुक्त पत्थर भी मौके पर पड़ाथा। पुलिस मामले की विवेचना पूरी करके आरोप पत्र कोर्ट मे दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी एसएम यूके हसन सिद्दीकी ने कुल 8 गवाह कोर्ट में परिक्षित कराया। कई गवाह पक्षद्रोही हो गए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्कों को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिशीलन के पश्चात आरोपी पति गुल्लू यादव को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देकर वरी कर दिया।