जौनपुर। जिले में 65 ट्रांसफार्मर जले हुए हैं। इनमें से सात 250 से 630 केवीए की क्षमता के हैं, जिनसे ज्यादा बढ़ा क्षेत्र प्रभावित होता है। इसके अलावा 10 से 63 केवीए के 58 ट्रांसफार्मर जले हुए हैं। इनको को बदलना संभव है लेकिन अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर स्टोर में हैं ही नहीं। उन्हें बाहर से मंगाना पड़ रहा है।
स्टोर में अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर हैं ही नहीं और कम क्षमता वाले ट्रंासफार्मर भी कम हैं। 250 केवीए से अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मरों को वाराणसी से मंगाकर लगाना पड़ रहा है। स्टोर में कम क्षमता के ट्रंासफार्मरों की ही मरम्मत हो रही है। इसमें तीन से चार दिन लग जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। जिले में इस समय विभिन्न क्षमता के कुल 65 ट्रसफार्मर जले हुए हैं। बारिश के कारण ट्रंासफार्मरों के जलने का सिलसिला तेजी से जारी है। इस दौरान इस समय 630, 400 और 250 केवीए के सात ट्रंासफार्मर और 10 से 63 केवीए के कुल 58 स्टोर बना शो पीस, नहीं है भारी क्षमता के ट्रांसफार्मर जले पड़े हैं। हालत यह है कि स्टोर में 630, 400 व 250 केवीए का एक भी नया ट्रांसफार्मर मौजूद नहीं है। जबकि इस समय 400 केवीए का तीन ट्रांसफार्मर अजमेरी, बजरंगा घाट व अहमदखां मंडी का जला है। 630 केवीए का ट्रांली ट्रंासफार्मर जला है। 250 केवीए के तीन ट्रांसफार्मर मीयांपुर, जफराबाद आदि स्थानों में जले हैं। इसके अलावा 10 केवी के 20, 25 केवी के 26 व 63 केवी के 12 ट्रांसफार्मर जले हुए हैं। जले ट्रांसफार्मरों को बदलने का कार्य तत्काल नहीं हो पा रहा है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं धान सहित अन्य फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रहा है। कुटीर उद्योग भी प्रभाीवित हो रहे हैं। लोग अंधेरे में भी जीवन यापन करने को विवश हैं।
स्टोर में भारी क्षमता के एक भी ट्रांसफार्मर नहीं है। इन्हें वाराणसी से मंगाकर लगाया जाता है। कम क्षमता वाले भी काफी कम हैं। वर्कशाप में मरम्मत करके इन्हें लगाया जा रहा है।-वीडी सिंह, एक्सईएन, विद्युत स्टोर