जौनपुर। मिड डे मील योजना की जांच के लिए गठित टास्क फोर्स टीम ने शुक्रवार को रामपुर और रामनगर विकास खंड के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिधवन में घटिया खाना देख टास्कफोर्स टीम ने प्रधानाध्यापक से पूछताछ की तो वह टीम के अधिकारियों से ही उलझ गए। मुंह में गुटखा भर कर बैठे प्रधानाध्यापक को देख अधिकारी भी हैरान रह गए। टास्क फोर्स टीम ने इसकी सूचना जिलाधिकारी को दी और जिलाधिकारी के निर्देश पर बीएसए ने प्रधानाध्यापक जयप्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया है। सहायक अध्यापक अजीत कुमार सिंह का एक दिन का वेतन काटते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मिड डे मील योजना के तहत बच्चों के लिए बने भोजन की गुणवत्ता को परखने के लिए राज्य स्तरीय टास्कफोर्स टीम गठित की गई है। टीम में शामिल मिर्जापुर के डीआईओएस देवकी सिंह, एमडीएम सेल के जिला समन्वयक अरुण कुमार मौर्य, खंड शिक्षा अधिकारी मंगरू राम के साथ टास्कफोर्स पहले रामपुर विकास खंड के जूनियर हाईस्कूल सिधवन पहुंची। सुबह 8:45 बजे 16 बच्चे मौजूद थे। जबकि कुल 39 बच्चों का नामांकन है। एमडीएम बनाने में घटिया सामग्री इस्तेमाल किया जा रहा था। फल वितरण का दिन था, लेकिन फल नहीं बाटा गया था। डीआईओएस देवकी सिंह ने इस बाबत प्रधानाध्यापक से बात की तो वह अधिकारियों के सामने रसोइयां को ही गाली देने लगे और अधिकारियों से उलझ गए। सहायक अध्यापक अजीत सिंह अनुपस्थित मिले। प्रधानाध्यापक ने बताया कि वह अवकाश पर हैं। लेकिन जब अधिकारी ने सहायक अध्यापक के मोबाइल पर फोन किया तो उन्होंने कहा कि हम स्कूल आ रहे हैं। देर हो गई है। इससे स्पष्ट हो गया कि एडवांस में प्रार्थना पत्र लिखकर रखा गया था। रामनगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर में 59 छात्रों में से 30 मौजूद थे। जूनियर हाईस्कूल कटघर में 128 बच्चों का नामांकन है, लेकिन 84 बच्चे मौजूद थे। खाने की गुणवत्ता यहां भी ठीक नहीं थी। रामपुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय परमालपुर 145 के सापेक्ष 85 बच्चे मौजूद मिले। प्राथमिक विद्यालय पचवल में 254 बच्चों का नामांकन है, लेकिन मौजूद थे 141 बच्चे। प्राथमिक विद्यालय मई में 78 के सापेक्ष 46 बच्चे मौजूद थे। यहां बच्चों को मौसमी फल नहीं दिया गया था। खाने के लिए खुला मसाला का प्रयोग किया जा रहा था। टास्कफोर्स ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों को कुछ हुआ तो सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।