जौनपुर। लाइनबाजार थाना क्षेत्र के कनकपुर में रंजिश को लेकर वादी और उसके परिवारवालों पर लाठी, डंडा और गड़ासी से प्राणघातक हमला कर चोटें पहुंचाने वाले सगे भाइयों समेत चार आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह गौतम ने दोषी पाते हुए सात वर्ष कारावास व प्रत्येक को 7500 जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन कथानक के अनुसार, जयप्रकाश निवासी कनकपुर ने लाइन बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया थी कि 11 मार्च 2005 को दिन में वादी के पिता गोरखनाथ सिंह खेत से लौट रहे थे। पुरानी रंजिश को लेकर अभियुक्त अभिमन्यु, सूर्यमणि, राकेश और अजय यादव लाठी डंडा गड़ासी लेकर जानलेवा हमला कर दिए। शोर पर पिता को बचाने पहुंचे दिलीप, संदीप नीरज को भी अभियुक्तों ने गंभीर चोटें पहुंचाई। चने की फसल उखाड़ने की उलाहना की बात को लेकर अभियुक्तों ने घटना को अंजाम दिया। आरोपी धमकी देते हुए चले गए। पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। एडीजीसी जवाहर लाल यादव और ज्ञानेंद्र यादव ने गवाहों को पेश किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद चारों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। क्रास केस में आगजनी और मारपीट के मामले में आरोपी संदीप, दिलीप समेत पांच आरोपियों को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
दलित उत्पीड़न में तीन को चार वर्ष कारावास
जौनपुर। महाराजगंज थाना क्षेत्र के कंधीकला गांव में दलित परिवार को लाठी और सरिया से मारकर गंभीर चोटें पहुंचाने के तीन को दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तृतीय ने चार वर्ष कारावास और तीन तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
शिवनाथ निवासी कंधी कला द्वारा एसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर महाराजगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। अभियोजन के अनुसार, वादी और उसके परिवार के लोग और रिश्तेदार साहू 27 मई 1992 को दरवाजे के बाहर सोए थे कि करीब दो बजे रात मुकदमेबाजी की रंजिश को लेकर रामलोचन, जोखन, उदयराज समेत चार आरोपी लाठी और सरिया लेकर दरवाजे पर चढ़ आए और मारने पीटने लगे। जब वादी जान बचाने के लिए घर में भागा तो घर में घुसकर मारे। औरत और रिश्तेदार ने विरोध किया तो उन्हें भी मारापीटा। अभियुक्तों ने जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया तथा धमकी दी। पुलिस ने विवेचना कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद रामलोचन, जोखन और उदयराज को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।