सुरेरी। रामपुर ब्लाक के भदखिन गांव में हो रहे जांच से पूर्व प्रधानों के दिल की धड़कने बढ़ने लगी है। जांच में परत दर परत अनियमितता खुलती जा रही है। इस दौरान कागजों पर बने आवास धरातल पर खंडहर के रुप में दिख रहा है। सोमवार को फिर जांच टीम गांव पहुंचकर आवास व शौचालय की जांच की। इस दौरान टीम ने आवास के अपूर्ण व धरातल पर नहीं होने का कारण लाभार्थियों से पूछा तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए। लाभार्थियों द्वारा प्रधान पर पूरा धन नहीं देने का आरोप लगाया।
भदखिन गांव निवासी संतोष कुमार मिश्रा ने जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी को गांव में हुए कार्यो में भारी अनियमितता होने औँर कार्यो के लिए आए धन का बंदरबांट करने की शिकायत की थी। जिसे गम्भीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच टीम गठित कर निष्पक्ष तरीके से जांच कराने का आश्वासन दिया था । जांच की जिम्मेदारी रामपुर ब्लाक के एडियो एजी के पद पर कार्यरत रहे। श्रवण कुमार उपाध्याय को सौंपी गई। इस दौरान एडियो एजी गांव में पहुंचकर एक- एक आवास के लाभार्थियों के घर जाकर जांच की। कुल 22आवास के लाभार्थियों की जांच की। मौके पर दो आवास पूर्ण मिले। बाकी 20 आवास अधूरे पाए गए। लाभार्थी दुर्गावती पत्नी राजकुमार,सोना पत्नी संतोष ने बतायी की मुझे जो आवास मिला है। उसका कितना पैसा आया है।यह जानकारी मुझे नहीं है। प्रधान द्वारा पैसा निकलवा कर अपने ही माध्यम से आवास का निर्माण करवाया गया। प्रधान द्वारा जितना बनवाया गया है। उतना ही बना है। इसी क्रम में मनभावती व लालती ने बताया प्रधान बैंक की पर्ची भरवाकर पैसा ले लिए। जो कुछ सामान गिरवाए थे ।उसमें कुछ अपना खुद का पैसा लगाकर आवास का निर्माण करवाएं है। धन के अभाव के कारण पूरा निर्माण नहीं हो सका। इस संदर्भ में जांच अधिकारी श्रवण कुमार उपाध्याय ने बताया ग्राम सभा में 22 आवास का जांच की गई। जिसमें 20 आवास अपूर्ण मिला। किसी का प्लास्टर तो किसी का छत अधूरा है। जिसमें संबंधित प्रधान से भी आवश्यक बयान लिया गया है।