जौनपुर। मेधावी छात्रों के भविष्य को संवारने में छात्रवृत्ति मददगार साबित होती है। पैसे के अभाव में जिन छात्रों की पढ़ाई बीच में बाधित हो जाती है, ऐसे छात्रों के लिए के लिए छात्रवृत्ति वरदान है। तमाम ऐसे छात्र हैं जो छात्रवृत्ति के सहयोग से उच्च शिक्षा ग्रहण कर अपना कैरियर संवार रहे हैं। छात्रवृत्ति छात्र का हौसला बढ़ाती है और छात्र को चिंता से मुक्त करती है, जिससे वह पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाता है।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के छात्र ओंकार का कहना है कि छात्रों के लिए छात्रवृत्ति अभिभावक की तरह होती है। जिस तरह बच्चा फीस, कापी किताब के लिए अपने अभिभावक की तरफ आशा भरी निगाहों से देखता है, उसी तरह मेधावी छात्र भी छात्रवृत्ति का इंतजार करते हैं। जनसंचार विभाग के छात्र सेवा लाल का कहना है कि छात्रवृत्ति से फीस आदि नहीं जमा होने की चिंता नहीं रहती है। इसकी वजह से छात्र बिना किसी चीज की चिंता के पढ़ाई को जारी रखता है। उसे भरोसा रहता है कि घर से सहयोग मिले या न मिले छात्रवृत्ति से उसकी पढ़ाई का खर्च चल जाएगा। प्रतीक पांडेय का कहना है कि छात्रवृत्ति किसी भी छात्र को अपना कैरियर संवारने का संबल प्रदान करती है। उसे कभी भी पढ़ाई के दौरान पैसे की कमी नहीं खलती है। बशर्ते उसका उसका उपयोग केवल पढ़ाई के लिए किया जाए। कक्षा आठ से हमें छात्रवृत्ति मिल रही है। जिसके कारण कभी भी पढाई के लिए पैसे की कमी का एहसास नहीं हुआ। आज भी शिक्षा अनवरत जारी है। छात्र शीलता प्रसाद त्रिपाठी और निलेश का कहना है कि छात्रवृत्ति किसी भी छात्र के लिए वरदान है। छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए आयोजित परीक्षा में जरूर भागीदारी करनी चाहिए।
छात्रवृत्ति छात्रों में छिपी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का काम करती है। जिसको छात्रवृत्ति मिलती है उसकी प्रतिभा में तो निखार आता ही है साथ ही दूसरे छात्रों में प्रतियोगिता का भाव पैदा होता है। जिसके चलते शिक्षा उन्नयन का माहौल बनता है। छात्रवृत्ति देने वाला और छात्रवृत्ति पाने वाले दोनों परस्पर मिलकर समतावादी समाज की स्थापना में सहायक बनते हैं। छात्रों को छात्रवृत्ति का पूरा लाभ उठाने की प्रयास करना चाहिए।-प्रो. आएएन त्रिपाठी, समाजशास्त्री