मछलीशहर। चितांव गांव में नाली एवं निजी भूमि पर रास्ता का निर्माण करने तथा करौदा गांव में भीटा और तालाब खाते की भूमि पर कायम अवैध कब्जा को हटवाने के लिए हाईकोर्ट से पारित आदेश के बाद जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी खुद राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुँचे और पैमाइश करवाकर अवैध कब्जा हटवाया।
चिताव गांव निवासी वैभव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पिछली पंचवर्षीय योजना में ग्राम प्रधान ने नाली पाटकर रास्ते का निर्माण करने के दौरान उनकी निजी भूमि पर भी अवैध रूप से रास्ता बना दिया। बार बार राजस्व अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया गया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर कोर्ट ने जिलाधिकारी को मौके पर जाकर मामले को हल करने का आदेश दिया था। दूसरा मामला करौदा गांव का है जहां भीटा खाते की भूमि पर पंपिंग सेट लगाकर अवैध कब्जा कर लिया गया तथा तालाब की भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही है। इस प्रकरण को भी हाईकोर्ट में उठाया गया तो कोर्ट ने कब्जा हटवाने का आदेश जिलाधिकारी को दिया। भूमि की पैमाइश दूसरे तहसील के राजस्व अधिकारी से जिलाधिकारी की उपस्थिति में कराने का आदेश दिया। गुरुवार दोपहर बाद जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी, मुख्य राजस्व अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी जेएन सचान, तहसीलदार शाहगंज और मछलीशहर केके मिश्रा ने मौके पर जाकर पैमाइश करवाकर अवैध कब्जा हटवाया।