मीरगंज/बरईपार। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती मनमानी तरीके से कर दी गई है। जहां छात्र संख्या अधिक है वहां शिक्षक कम हैं और जहां छात्रों की संख्या कम है वहां शिक्षकों की भरमार है। मछली शहर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय अदारी में 300 छात्रों का पंजीकरण हुआ है। लेकिन इतने छात्रों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सिर्फ एक शिक्षक पर है। इसके उलट इसी ब्लाक के इटहा प्राथमिक विद्यालय में महज 108 छात्रों का नामांकन हुआ है जिन्हें पढ़ाने के लिए आठ अध्यापकों की तैनाती है।
अभिनव प्राथमिक विद्यालय अदारी में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि सरकारी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय निजी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को टक्कर देंगे। लेकिन लेकिन जब शिक्षक ही नहीं हैं तो इस विद्यालय के बच्चे अन्य विद्यालयों के बच्चों से कैसे मुकाबला कर सकेंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए हर ब्लाक मे पांच अग्रेजी माध्यम के स्कुलों का चयन किया गया है। जहां अंग्रेजी मे निपुण अध्यापकों को नियुक्त बच्चों को अग्रेजी में निपुण करना है। ऐसे में मछलीशहर ब्लाक में भी पांच प्राथमिक स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में चयन करके पढ़ाई इसी सत्र से शुरू की गई है। पर मछलीशहर ब्लाक के अभिनव अग्रेंजी स्कूल अदारी मे सिर्फ एक प्रधानाध्यापक के आनंद प्रकाश सिंह के सहारे 300 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। नियम के मुताबिक 40 बच्चों पर एक शिक्षक तैनात होना चाहिए। लेकिन यहां 300 बच्चों की पढ़ाई एक अध्यापक के भरोसे है। शिक्षकों की तैनाती में इस तरह की असमानता सिर्फ अदारी और इटहा विद्यालय में नहीं है। जिले भर में तमाम विद्यालयों में ऐसी ही असमानता है। प्राथमिक विद्यालय डभिया में 80 बच्चों के लिए छह अध्यापक तैनात है। इसी विद्यालय की व्यवस्था देखकर तत्कालीन डीएम सर्वज्ञ राम मिश्रा ने अध्यापकों को पुरस्कृत किया था। प्रधानाध्यापक आनंद प्रकाश सिंह का कहना है की 301 बच्चों की व्यवस्था देखना कठिन काम है। एमडीएम सहित अन्य काम भी देखना होता है। अध्यापकों की कमी होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
सुजानगंज ब्लॉक के इटहा प्राथमिक स्कूल में 105 बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रधानाध्यापक समेत आठ शिक्षक तैनात हैं। प्राथमिक विद्यालय दारूनपुर में 148 बच्चों पर दो अध्यापक और एक शिक्षा मित्र हैं। प्राथमिक विद्यालय भाऊपुर में 106 बच्चों पर चार शिक्षक हैं। प्राथमिक विद्यालय सोनहिता में 128 बच्चों पर तीन शिक्षक हैं।
विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती छात्र संख्या के हिसाब से नहीं हुई है। इसे ठीक करने के लिए शीघ्र ही शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा।
डा. राजेंद्र सिंह
बेसिक शिक्षा अधिकारी जौनपुर