बक्शा। क्षेत्र के सुजियामऊ गांव में लोक संगीत को संरक्षण देने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले पूर्व प्रमुख श्रीपति उपाध्याय के आवास पर बुधवार को आयोजित लोक संगीत कार्यक्रम के दौरान कलाकारों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
पूर्व में दस दिवसीय लोकगायन कार्यशाला की प्रस्तुति एवं प्रमाण पत्र वितरण समारोह के मुख्य अतिथि राजेंद्र पांडेय ने कहा कि आज लुप्त हो रही संस्कृति को बचाना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए कलाकारों को आगे आना होगा। प्रमाण पत्र वितरण से पूर्व गायक कलाकारों में शिवानन्द उपाध्याय, जितेंद्र उपाध्याय, कैलाश नाथ शुक्ला द्वारा मनमोहक कजरी प्रस्तुति की गई। कलाकार रामआसरे तिवारी ,धर्मदत्त उपाध्याय और उनके साथियों द्वारा टुटही झोपड़िया महलिया से पूछे का हमरों दिनवा बहुरिहै की नाही। श्री त्रिवेणी प्रसाद पाठक द्वारा बेलवइया जब मटर लेहेस पटकोइया हो राजा गाया तो लोग वाह-वाह कर बैठे। मुख्य अतिथि राजेंद्र पांडेय द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया। उन्होंने इस अवसर पर सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यशाला की सराहना की। कहा कि जो विधा विलुप्त हो रही है नए युवाओं को जोड़ने का काम कर रही है। इससे इसे बचाया जा सकता है। अतिथियों का स्वागत एवं आभार श्रीपति उपाध्याय ने किया। इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख जय प्रकाश सिंह राणा, उमाशंकर मिश्र, संदीप सिंह, मालखाने पांडेय, शंखपति उपाध्याय, शीतला उपाध्याय, विद्यानंद उपाध्याय, विपुल पाठक, ताराशंकर उपाध्याय, सुरेश पांडेय आदि उपस्थित रहे।