मुफ्तीगंज/धर्मापुर। मुफ्तीगंज विकास खंड के उमरी गांव की मुस्लिम बस्ती में फूड प्वाइजनिंग से दो साल की बच्ची की मौत हो गई जबकि आठ लोग उल्टी दस्त से पीड़ित हैं। गंभीर रूप से बीमार सभी आठ लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य टीम गांव में कैंप कर रही है। चिकित्सकों का कहना है कि फूड प्वाइजनिंग से लोग बीमार हुई है। बस्ती के आसपास गंदगी का अंबार लगा है। स्वास्थ्य टीम ने बस्ती के चारों तरफ दवा का छिड़काव किया और लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
उमरी गांव निवासी जमील अहमद के परिवार में कुल 42 सदस्य रहते हैं। परिवार में मंगलवार को मीट बना था। परिवार के लोगों ने बुधवार को बासी खाना भी खाया था। बुधवार की रात से ही एक-एक कर परिवार के सदस्य उल्टी दस्त से पीड़ित होने लगे। पहले तो स्थानीय एक निजी चिकित्सक से दवा लिए लेकिन किसी को राहत नहीं हुई। सुबह करीब आठ बजे आजाद की दो वर्ष की बेटी खुशी की मौत हो गई। उल्टी दस्त से पीड़ित बच्ची की मौत होते ही परिवार में हड़कंप मच गया। सूचना पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सकों की टीम गांव में पहुंच गई। गंभीर रूप से पीड़ित हसीना पत्नी जमील (65), राजू पुत्र कलाम (06), इमरान पुत्र कलाम (02), रेश्मा पुत्री कलाम (10), बेबी पत्नी आजाद (30), शबनम पुत्री आजाद (05), सलाउद्दीन पुत्र इस्लाम (01), फरीदा पुत्री इस्लाम (02) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुफ्तीगंज के अधीक्षक डा. श्रवण कुमार यादव ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। सभी की हालत गंभीर देख उन्होंने एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय पहुंचाया। चिकित्सा अधीक्षक के साथ स्वास्थ्य टीम में नम्रता राय, प्रियंका, डॉ. अखिलेश सोनकर, अशोक कुमार, केदार नाथ चौधरी आदि ने बस्ती में घर घर जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। लोगों को दवाएं वितरित की गईं। घरों के आस-पास साफ सफाई का निर्देश दिया गया और दवा का छिड़काव करवाया। डा. श्रवण कुमार यादव का कहना है कि बस्ती में बहुत ही घनी आबादी है। एक छोटे से घर मे 42 लोग रहते हैं। स्वास्थ्य टीम गांव में कैंप कर रही है। स्थिति सामान्य है।