मछलीशहर। महिला आयोग की पहल पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शिशु पालना गृह की स्थापना की गई है। गुरुवार को एसडीएम जेएन सचान ने उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब नवजात शिशुओं को लावारिस झाड़ी में फेंकने के बजाए गोपनीय तरीके से उन्हें पालना में कोई भी छोड़कर जा सकता है। जहां सरकारी खर्च पर उसका पालन पोषण किया जाएगा। अस्पताल के अधीक्षक ने बताया कि सरकार सड़क किनारे झाड़ी में फेंके जाने वाले शिशुओं की सुरक्षा के लिए यह कदम महिला आयोग की पहल पर उठाया है। पालना गृह में अनैच्छिक नवजात शिशुओं को कोई भी व्यक्ति छोड़कर जा सकता है। पालने में रखने के बाद कमरे के बाहर लगाई घंटी बजानी होगी। घंटी की आवाज सुनकर वहां तैनात कर्मचारी उस शिशु की देखभाल के लिए उपस्थित हो जाएगा। बच्चे का पालन पोषण सरकारी खर्च पर होगा। उद्घाटन समारोह में तहसीलदार केके मिश्रा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ नर्स तथा आशा संगिनी उपस्थित रहीं।