सुईथाकला। पिछले करीब चार साल से विद्यालय से नदारद प्राथमिक विद्यालय सुकर्णाकला के प्रधानाध्यापक को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निलंबित कर दिया है। आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के लिए अपने स्थान पर किसी और को रख दिया था। खंड शिक्षा अधिकारी की सांठगांठ से घर बैठे वेतन ले रहे थे। ग्रामीणों की शिकायत पर जांच में इस बात का खुलासा होने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने यह कार्रवाई की है। बीएसए की इस कार्रवाई से घुमंतू शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
विभागीय सूत्रों की माने तो परिषदीय विद्यालयों में तैनात सैकड़ों की संख्या में शिक्षक घर बैठे वेतन ले रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि अभियान चलाकर ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
सुकर्णाकला गांव के लोगों ने जिलाधिकारी से शिकायत किया था कि प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक पिछले चार साल से कभी विद्यालय नहीं आए। उन्होंने अपने स्थान पर एक व्यक्ति को पढ़ाने के लिए रख दिया है। जिला अधिकारी ने इसकी जांच डीसी मनरेगा को सौंपा था। शनिवार को डीसी मनरेगा कमलेश सोनी ने विद्यालय की जांच की तो शिकायत सही पाई गई। शिकायत सही पाए जाने की रिपोर्ट उन्होंने जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी के निर्देश पर रविवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. राजेंद्र सिंह ने प्रधानाध्यापक इंद्र बहादुर सिंह को निलंबित कर दिया।