डोभी। चंदवक थाना क्षेत्र के भूलनडीह गांव में ईसा मसीह की प्रार्थना के समय पुलिस पहरे में हुई। केराकत कोतवाल समेत सर्किल के सभी थानों की फोर्स तैनात की गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षत्रिय महासभा ने बैठक बुलाई है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। इससे विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। एहतियात के तौर पर सुबह से ही फोर्स गांव में तैनात कर दी गई थी। प्रार्थना सभा में हमेशा की तरह रविवार को भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे और विधिवत चंगाई प्रार्थना भी हुई। प्रार्थना सभा तीन बजे के बजाय दो घंटे पहले एक बजे दोपहर में ही समाप्त कर दी गई।
चंदवक थाना क्षेत्र के भूलनडीह गांव में चर्च की स्थापना की गई है। यहां प्रत्येक रविवार और मंगलवार को प्रार्थना सभा का आयोजन होता है। प्रार्थना सभा में जिले के अलावा, आजमगढ़, वाराणसी और गाजीपुर जिले से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु आए। चंगाई के लिए प्रार्थना की गई। श्रद्धालु अपने साथ तेल और पानी की बोतलें लाते हैं, जिन्हें प्रार्थना सभा में अभिमंत्रित किया जाता है। वे उसका इस्तेमाल करते हैं। कुछ हिंदूवादी आरोप है कि इसी बहाने धर्म परिवर्तन करा दिया जाता है। प्रार्थना सभा के खिलाफ अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेश सचिव सर्वेश सिंह बीरू ने भूलनडीह गांव में बैठक करने और धर्मांतरण की बात का पर्दाफाश करने का ऐलान किया था। गांव में रविवार को सभा आयोजित करने के लिए क्षत्रिय महासभा ने जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी। प्रशासन ने टकराव की आशंका के चलते उन्हें सभा की अनुमति नहीं दी। जिला प्रशासन को खुफिया सूत्रों से पता चला था कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद क्षत्रिय महासभा प्रार्थना में खलल डालने का प्रयास कर सकती है। इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों भूलनडीह बुलाया गया है। एहतियात के तौर पर एसपी के निर्देश पर सुबह से ही गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। प्रार्थना सभा समय से प्रार्थना शुरू हुई लेकिन आशंका के चलते समय से पहले ही खत्म कर दी गई। इस दौैरान यहां के मुखिया दुर्गा यादव और उनके सहयोगी भी पहरेदारी करते रहे। कार्यक्रम की फोटो लेने के लिए कुछ मीडिया कर्मियों से उनकी नोकझोक भी हुई। एसपी दिनेशपाल सिंह का कहना है कि प्रार्थना सभा के विरोध में कुछ हिंदूवादी संगठनों के जुटने की सूचना मिली थी। एहतियातन गांव में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी।