जौनपुर। जिले में ऐसा पहली बार हुआ जब जिला विद्यालय निरीक्षक ने दस पटल सहायकों के साथ खुद का भी वेतन रोके जाने का आदेश दिया है। वैसे इससे पहले भी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के निरीक्षण में कमियां पाए जाने पर डीएम अरविंद मलल्पा बंगारी ने सभी कर्मचारियों का वेतन रोके जाने का आदेश दिया था। जो भी हो वेतन रोके जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ब्रजेश मिश्र ने अपने आदेश में कहा है कि प्रत्येक सप्ताह में दो एक दिन उन्हें उच्च न्यायालय इलाहाबाद में शपथ पत्र दाखिल करने हेतु जाना पड़ता है। जिसके कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि 26 मई को जौनपुर में कार्यभार ग्रहण किया। तब से प्रत्येक सप्ताह मेरे द्वारा पटल सहायकों को इस आशय के आदेश दिए गए कि माननीय उच्च न्यायालय में लंबित याचिकाओं में शपथ पत्र दाखिल करना सुनिश्चित करें। परंतु लगातार दिए जा रहे निर्देशों के उपरांत भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। ऐसी स्थिति में सभी का वेतन तब तक के लिए आहरित नहीं होगा। जब तक हाईकोर्ट में लंबित सभी याचिकाओं में शपथ पत्र दाखिल नहीं हो जाता। उन्होंने इस आशय की जानकारी महाधिवक्ता उत्तर प्रदेश, शिक्षा निदेशक माध्यमिक, संयुक्त शिक्षा निदेशक वाराणसी मंडल और वित्त एवं लेखाधिकारी को दी है।
याचिकाओं में शत-प्रतिशत शपथ पत्र दाखिल होना चाहिए। इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन करने के लिए कहा गया था। लेकिन पटल सहायकों ने ऐसा नहीं किया। ऐसे में 10 पटल सहायकों का वेतन रोक दिया गया है। और जब तक उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर सभी मामलों में अपडेट नहीं हो जाता। तब तक किसी का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। यह आदेश मेरे पर भी लागू रहेगा।
डा. ब्रजेश मिश्र
जिला विद्यालय निरीक्षक
जौनपुर