बदलापुर / घनश्यामपुर। संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत बदलापुर ब्लाक में वित्तीय वर्ष 2004-05 के अप्रैल से अक्तूबर माह में ग्राम पंचायत अंश से कराए गए कार्यों में हुए खाद्यान्न घोटाले की जांच के घेरे में कई प्रधान व पंचायत सचिव तथा कोटेदार फंस सकते हैं। उनके विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराया जा सकता है। प्रकरण की जांच वाराणसी की आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन के निरीक्षक रमाशंकर सिंह यादव द्वारा की जा रही है।
बदलापुर ब्लाक में वित्तीय वर्ष 2004-05 के अप्रैल से अक्तूबर माह में ग्राम पंचायत अंश से कराए गए कार्यों में खाद्यान्न घोटाला हुआ था। अब इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जिसकी जांच वाराणसी की आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन के निरीक्षक रमाशंकर सिंह यादव कर रहे हैं। लेकिन ग्राम पंचायत अंश में कराए गए कार्यों से संबंधित अभिलेख नहीं मिलने से जांच कार्य प्रभावित है। प्रकरण को गति देने के लिए जांच अधिकारी निरीक्षक रमाशंकर सिंह यादव ने खंड विकास अधिकारी बदलापुर रमाशंकर सिंह को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने ग्राम पंचायत अंश में कराए गए कार्यों से संबंधित सूचनाओं की जानकारी मांगी है। खंड विकास अधिकारी परियोजनावार कार्यप्रभारियों, प्रधान, सचिव और कोटेदार की सूची मोबाइल नंबर, वर्तमान में उनकी नियुक्ति स्थल और स्थाई पता, खाद्यान्न आवंटन से संबंधित विवरण की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। जांच अधिकारी द्वारा विशेष रूप से दो परियोजनाओं क्रमश: इनामीपुर रोड से नहर तक मिट्टी व सोलिंग और रामलखन सिंह के मशीन से राम अवध मौर्य के घर तक मिट्टी व सोलिंग कार्य से संबंधित पत्रावलियों सहित मस्टर रोल व माप पुस्तिका भी मांगी है।