जौनपुर। बिहार, कर्नाटक और तमिलनाडु की तरह पिछड़ा वर्ग के लिए श्रेणीबद्ध आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाए। 27 फीसदी आरक्षण को पिछड़े, अति पिछड़ों और सर्वाधिक पिछड़ों की श्रेणी में लागू किया जाएगा तभी सामाजिक न्याय होगा। इसे शीघ्र लागू किया जाना चहिए। उक्त बात सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव मनीष सिंह ने बुधवार को पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में प्रेस वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 2017 के चुनाव में गठबंधन करते समय आरक्षण की यह व्यवस्था लागू करने की बात कही थी, जिसे भाजपा ने स्वीकार कर लिया था। परंतु आज इसको लेकर आज पार्टी के सभी मंत्री व विधायक चुप हैं। कोई भी पिछड़ों की बात नहीं कर रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 11 मई 2018 को लखनऊ में ओमप्रकाश राजभर से कहा था कि लोकसभा चुनाव से छह माह में इसके लागू कर दिया जाएगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। वहीं निषाद, बिंद, मल्लाह, केवट, कश्यप, भर, मांझी, तुरहा, व गौड़ आदि अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल नहीं किया गया है। इन जातियों को कोई लाभ नहीं पहुंचाकर बल्कि वोट लेने की राजनीति है। जिसको यह जातियां अब समझ चुकी हैं। युवा मंच के प्रदेश महासचिव राहुल सिंह सोलंकी ने कहा कि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर पिछड़े वर्ग की जातियों को तीन श्रेणी में बंटने और 29.5 प्रतिशत आरक्षण देने की संस्तुति की है। अगर इन जातियों को आबादी के अनुपात में बांटना अधिक न्यायोचित होगा और इससे अति पिछड़ी जातियों को अपने हिस्से का आरक्षण मिलना संभव हो सकेगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष बृजभान राजभर, जिला मीडिया प्रभारी जय प्रकाश राजभर आदि उपस्थित रहे।