जौनपुर। किसान सावधानी रख धान की फसल को खरपतवारों से बचा सकते हैं। किसान खरपतवार के नियंत्रण हेतु यान्त्रिक विधियों में खुरपी व पैडीवीडर का प्रयोग करते हुए खरपतवार विनाशक रसायनों का प्रयोग करें।जिले के सभी कृषि रक्षा इकाइयों पर कीटनाशक आदि दवाएं 50 प्रतिशत अनुुदान पर उपलब्ध है, जहां से किसान प्राप्त कर सकता है। अनुदान की धनराशि डीबीटी के माध्यम से किसानों के बचत खाते में भेजी जाएगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार राय ने कहा कि रोपाई वाले धान में घास जाति एवम् चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण हेतु बिसपायरिबैक सोडियम 10एससी (नामनीगोल्ड) 200 एमएल प्रति हेक्टेयर की दर से रोपाई के 15 से 20 दिन बाद छिड़काव करें । अरहर की फसल में सभी प्रकार के खरपतवार नियंत्रण हेतु इमेजीथापर 10 एसएल 1 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से बुवाई के 20 से 25 दिन बाद प्रयोग करें। सिंचित दशा में प्रेटिलाक्लोर 50 प्रतिशत ईसी 1.250 लीटर प्रति हेक्टेयर, धान की रोपाई के 3-7 दिन के अंदर 2 इंच भरे पानी में छिड़काव करें या चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण हेतु 2,4 डी सोडियम साल्ट 80 प्रतिशत घुला चूना 625 ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग किया जा सकता है। इसका प्रयोग धान की रोपाई के एक सप्ताह के बाद और सीधी बुवाई के 20 दिन बाद करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले के सभी कृषि रक्षा इकाइयों पर खरपतवारनाशी, बिसपायरिबैक, सोडियम 10 प्रतिशत एससी व इमेजीथापर 10 एसएल, कीटनाशक क्लोरपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी, फफूॅदनाशक एम-45 (मैन्कोंजेब) एवं जिनेब, चूहानाशक जिंकफास्फाइड एवं अन्नभंडारण हेतु एल्यूमिनियम फास्फाइड रसायन पर्याप्त मात्रा में 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध है,जो किसानों को पूरे दाम पर विक्रय किया जा रहा है। 50 प्रतिशत अनुदान की धनराशि डीबीटी के माध्यम से किसानों के बचत खाते में भेजी जाएगी।