जौनपुर। संसार में सत्य की रोशनी स्थापित करने के लिए बाहरी अंधकार के साथ ही आंतरिक अंधकार को भी मिटाना होगा। प्रेम, दया, करूणा के भावों को मजबूती देने के लिए सत्य की अनुभूमि आवश्यक है। यह बातें मानिक चंद तिवारी ने गुरूवार को आरा स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन के प्रांगण में संत समूह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मानव आज संकीर्णता में जी रहा है। विशालता ह्रदय में स्थापित हो जाए और तभी होगा जब गुरू, पीर, पैगम्बरों की कल्याणकारी शिक्षाओं को अपनाया जाएगा। इस मौके पर बसंत लाल, दुर्गा प्रसाद तिवारी, महेंद्र, रीता यादव, छेदी लाल, सुरेश, ज्ञानेंद्र, संतोष, सियाराम, सुरेंद्र, उदय नारायण जायसवाल आदि मौजूद रहे।