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मौत के एक साल बाद भी नहीं बना कंप्युटरीकृत मृत्यु प्रमाण पत्र

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मीरगंज (जौनपुर)। मछलीशहर ब्लाक के भटहर गांव निवासी और थाने के चौकीदार रहे रमेश सरोज की मौत हुए एक साल बीत गया । लेकिन अभी तक उनकी पत्नी को कंप्युटरीकृत मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया है। वह ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय तक चक्कर लगा रही है। लेकिन अभी तक उसे कंप्युटरीकृत मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया है। भटहर गांव के चौकीदार रमेश सरोज की मौत 20 अगस्त 2017 को हो गई थी। पत्नी हीरावती देवी ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए सेक्रेटरी से संपर्क किया तो उसने हाथ से लिखा प्रमाण पत्र थमा दिया। जबकि उसे डिजिटल मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। उसने सहज जन सेवा केंद्र से मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दो बार हलफनामा व परिवार रजिस्टर की नकल के साथ आवेदन किया। उसके बाद भी ब्लाक कार्यालय मछलीशहर से उसे आज तक कंप्युटरीकृत मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। इस संबंध में सेक्रेटरी ओम प्रकाश का कहना है यह एडीओ पंचायत के स्तर का मामला है। जबकि एडीओ पंचायत कुंवर साहब सिंह का कहना है कि हाथ से लिखा मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
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