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डीपीआरओ के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज

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जौनपुर। ग्राम पंचायत की खुली बैठक में कार्रवाई रजिस्टर पर सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर, पीएम आवास आवंटन में गड़बड़ी समेत कई अन्य खामियों के लिए दोषी पाए जाने पर जिला पंचायत राज अधिकारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ लाइनबाजार थाने की पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की है। डीपीआरओ पर आरोप है कि उन्होंने दोषी ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान को बचाने के लिए डीएम को भी गुमराह किया है।
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मड़ियाहूं विकास खंड के कुंभ ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या 3 से निर्वाचित सदस्य प्रदीप कुमार ने डीएम से शिकायत की थी कि 19 अप्रैल 2016 को प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों के चयन के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक बुलाई गई थी। कोरम पूरा न होने के बाद भी बैठक की कार्रवाई पूरी की गई। डीएम ने पीडी से जांच कराई तो शिकायत सही पाए जाने पर ग्राम प्रधान को निलंबित कर दिया गया। ग्राम प्रधान हाईकोर्ट गए हाईकोर्ट ने 27 जुलाई 2016 को डीएम को आदेश दिया कि वह पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराएं। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने जांच की तो कई और खामियां निकल कर सामने आई। पता चला कि ग्राम पंचायत सदस्य गुड्डी दोवी, कुल्हना देवी, चंदू, संतारा और जड़ावती निरक्षर हैं लेकिन रजिस्टर में उनका अंगूठा निशान होने के बजाय हस्ताक्षर किया गया था। पीएम आवास के लिए पात्रों को अपात्र और अपात्रों को पात्र बनाया गया। इसके बावजूद डीपीआरओ ने तथ्यों को छुपाते हुए डीएम को रिपोर्ट दी, जिस पर डीएम ने ग्राम प्रधान को 23 फरवरी को दोषमुक्त कर दिया। इस पर ग्राम पंचायत सदस्य प्रदीप कुमार ने डीएम से दोबारा शिकायत की और डीपीआरओ द्वारा तथ्यों को छिपाने आरोप लगाया तो डीएम ने 26 फरवरी 2016 को 23 फरवरी को ग्राम प्रधान को दोषमुक्त करने वाला आदेश निरस्त कर दिया और जांच पीडी को सौंप दी। पीडी ने पीडी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक डीपीआरओ कोई पत्रावली उन्हें नहीं दी और जांच में सहयोग नहीं किया जिससे प्रतीत होता है कि वह प्रधान व सचिव का बचाव कर रहे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर प्रदीप कुमार ने धारा 156(3) के तहत सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। डीपीआरओ की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर कोर्ट ने केस दर्ज करने का आदेश लाइनबाजार थानाध्यक्ष को दिया। जिस पर पुलिस ने डीपीआरओ सुधीर कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ आईपीसी की धारा 419,420, 467, 468 और 471 के तहत केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
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