जौनपुर। जीएसटी को लेकर मंगलवार को जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और व्यापारियों की समस्याओं के निस्तारण करने की मांग की। ज्ञापन में व्यापारियों ने गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी जनपद की सीमा को ई-वे बिल से मुक्त किए जाने की मांग की।
साथ ही ई-वे बिल साथ न होने पर अधिकारी द्वारा माल को जब्त न करने पर आक्रोश जताया गया। समाधान योजना एक करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ करने की घोषणा का सरकुलर जारी करने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि ई-वे बिल का पार्ट बी भरने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्ट की तय की जानी चाहिए। व्यापारियों की सुविधा को देखते हुए रिफंड की व्यवस्था हर माह की जाए, जो कि अभी तक वार्षिक रिटर्न भरने के दो महीने बाद वापस करने का प्रावधान है। धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन देने वालों में प्रदेश कार्यकारिणी से प्रांतीय मंत्री शकील अहमद, अरुण शुक्ल, संजय श्रीवास्तव, स्वतंत्र साहू, उमेश गुप्ता, आलोक रंजन सिन्हा, गौराबादशाहपुर के अध्यक्ष लल्लन सिंह, महामंत्री इकराम अंसारी, पराऊगंज के अध्यक्ष शिवचंद यादव, खुटहन के परवेज अंसारी, मुन्ना यादव, मड़ियाहूं के अध्यक्ष फिरोज अंसारी, जफराबाद के अध्यक्ष उमाकांत गिरी, रामपुर के अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल, महामंत्री वकील हाशमी, गुतवन के अध्यक्ष राकेश मौर्य, महामंत्री ओमप्रकाश मौर्य, शनि अग्रहरि, चौकियां धाम इकाई के महामंत्री आशीष माली, थानागद्दी के अध्यक्ष बीरबल गुप्ता, मुफ्तीगंज के अध्यक्ष शिवकुमार, हसन जाहिद बाबू, मिर्जा आफताब आदि मौजूद रहे। जिला महामंत्री आरिफ हबीब ने आभार जताया।