गौराबदशाहपुर। बिना नोटिस के खेत को बदले जाने को लेकर धर्मापुर ब्लाक के कुरेथू गांव के ग्रामीणों ने बुधवार को गांव में ही जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि चकबंदी विभाग के एसीओ द्वारा गांव के ही रिश्तेदार के खेत के पास चकबंदी में खेलकर ग्राम समाज की काटी गई कई बीघे जमीन को बैठाने के साथ ही बिना नोटिस के कई किसानों का खेत बदल दिए जाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों के बवाल पर प्रशासन व ग्रामीणों की घंटों बैठक हुई। जिसमें यह निर्णय लिया गया कि ग्रामीणों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर अगर रविवार तक चकबंदी आयुक्त या जिलाधिकारी द्वारा पुन: चकबंदी करवाने का आदेश आ गया तो नए सिरे से चकबंदी की प्रक्रिया शुरू होगी। अन्यथा पुन: पुरानी चकबंदी की जाएगी। इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस व पीएसी मौजूद रही।
धर्मापुर ब्लाक के कुरेथू गांव में चकबंदी का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान चकबंदी विभाग के एसीओ द्वारा गांव के ही रिश्तेदार के खेत के पास चकबंदी में खेलकर ग्राम समाज की कई बीघा जमीन बैठा दी। साथ ही बिना नोटिस के कई किसानों का खेत बदल दिया गया। जिस पर आक्रोशित ग्रामीणों ने चकबंदी विभाग के एसीओ पर उक्त आरोप लगाते हुए बुधवार को बवाला काटा। उनका मानना है कि शासन द्वारा 15 अप्रैल से 15 जून तक चकबंदी की निर्धारित तिथि थी। किसान इस समय खेत में मक्का और धान की नर्सरी डाल चुके हैं। हंगामे की सूचना पर नायब तहसीलदार मांधाता प्रसाद सिंह, क्षेत्राधिकारी केराकत दिग्विजय सिंह सहित केराकत, चंदवक जलालपुर, महिला थानाध्यक्ष और भारी संख्या में पीएसी पहुंच गई। पुलिस बल की उपस्थिति में ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बैठक शुरू हुई। करीब तीन घंटे बाद निर्णय हुआ कि अगर रविवार तक ग्रामीणों द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर चकबंदी आयुक्त या जिलाधिकारी द्वारा चकबंदी पुन: करवाने का आदेश आ गया तो नए सिरे से चकबंदी की प्रक्रिया शुरू होगी। अन्यथा रविवार को पुन: पुरानी चकबंदी की जाएगी। जबकि प्रधान ने आरोप लगाया की फर्जी ढंग से मेरे और ग्रामीणों के हस्ताक्षर करवा कर चकबंदी की प्रक्रिया में धांधली की गई है।