जौनपुर। क्रय केंद्रों पर बद इंतजामी के कारण किसान जहां अपना गेहूं नहीं बेच पाए। कहीं बोरे की कमी के चलते किसानों को लौटना पड़ा तो कहीं पैसे की कमी के चलते। मजबूरन किसानों को आढ़तियों व बिचौलियों को कम कीमत पर गेहूं बेचना पड़ा। लक्ष्य पूरा करने के लिए तमाम क्रय केंद्रों पर बिचौलियों से गेहूं की खरीद की गई। आरोप है कि इसमें बिचौलियों और केंद्र संचालकों ने पैसे कमाए। इसके बावजूद विभाग लक्ष्य भी पूरा नहीं कर सका। निर्धारित तिथि समाप्त होने के बाद लक्ष्य के मुकाबले लगभग 95 फीसदी गेहूं की खरीद हो पाई है। जिले में गेहूं खरीदने के लिए 62 हजार एमटी लक्ष्य रखा गया था। साथ ही एक अप्रैल से लेकर 15 जून तक गेहूं की खरीद करने की तिथि भी निर्धारित की गई थी। लक्ष्य पूरा हो सके इसके लिए जिले में कुल आठ एजेंसियों के 141 क्रय केंद्र खोले गए है। जिनके द्वारा गेहूं की खरीद शुरु की गई। गेहूं खरीद शुरु होने के बाद से लगभग एक पखवारा तक पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर बोर व पैसा नहीं पहुंचा था, तय तिथि 15 दिन बाद खरीद शुरू नहीं कर पाए। बीच में बोरा की कमी होने से कई दिनों तक गेहूं की खरीद ठप रही। किसान मायूस होकर वापस लौटने को विवश हुए। वहीं गेहूं खरीद की निर्धारित तिथि के अंतिम समय में भंडारण की समस्या होने से अधिकांश क्रय केंद्रो पर गेहूं बाहर पड़े रहे। इस दौरान साधन सहाकारी समिति टिकरी, साधन सहाकारी समिति दतांव, साधन सहाकारी समिति होलपुर, साधन सहाकारी समिति पहाड़ीचक डिहियां व साधन सहाकारी समिति गुलरा मोहम्मदपुर आदि क्रय केंद्रो पर गेहूं बाहर पड़ा था।वहींबारिश होने से इन केंद्रो पर रखे गए गेहूं भींग रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं। इन क्रय केंद्रो द्वारा गेहूं की खरीद नहीं की जा रही थी। अगर क्रय केंद्रों पर इस तरह की बद इंतजामी नहीं रहती तो शायद जिले में लक्ष्य से अधिक गेहूं की खरीद होती।