जौनपुर। ईद के मौके पर एटीएम के बंद होने से नगदी का संकट बरकरार रहा। नोटबंदी के बाद से ही प्राइवेट और सरकारी बैंकों की स्थिति काफी खराब हो गई है। जहां बैंक फुटकर पैसे नहीं ले रहे हैं वहीं एटीएम भी उनका जवाब दे चुका है। देखा जाए तो 30 फीसदी एटीएम खराब ही पड़े रहते हैं। शनिवार को कार्डधारक एटीएम बंद होने के कारण इधर-उधर चक्कर काटते रहे और नगदी के लिए भागदौड़ करते रहे। जो एटीएम खुले भी रहते हैं उनमें से अधिकतर में नगदी नहीं है, का बोर्ड लगा रहा। केराकत प्रतिनिधि के मुताबिक केराकत में पांच बैंकों के एटीएम हैं जो कई माह से खराब पड़े हैं। ईद के मौके पर दो एटीएम चल रहे थे लेकिन सुबह के बाद ही उनमें कैश समाप्त हो गया। अखिल भारतीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्रवण जायसवाल का कहना है कि बैंक जितनी संख्या में एटीएम चला सकते हैं। उतना ही उन्हें ठीक से चलाना चाहिए। इससे कम से कम ग्राहक परेशान नहीं होगा। छात्र नेता हर्षित सिंह का कहना है कि कालेजों में नामांकन का दौर शुरू होने वाला है। अगर स्थिति यही रही तो छात्रों को काफी दिक्कत होगी। क्योंकि कोई भी छात्र नामांकन फीस नगदी लेकर नहीं आता। वह एटीएम से निकालने के बाद जमा करते हैं।