सिरकोनी । अलविदा जुमे के अवसर पर जफराबाद स्थित हाश्मी मस्जिद में शुक्रवार की देर शाम रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। जिसमें रोजा रखने के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
समाजसेवी डा. सरफराज खान ने कहा कि रोजेदारों को इफ्तार कराना सवाब का कार्य है। हर चीज का रोजा होता है, जैसे आंखों का रोजा, हाथों का रोजा आदि। जिससे कोई ऐसा कार्य न करें। जिससे सवाब के बजाए गुनाह का हकदार बनें। उन्होंने कहा कि रोजा का मुख्य उद्देश्य अल्लाह की रजा पर कायम रखना है। अल्लाह ने रोजा इसलिए रखने के लिए कहा है कि तुम रोज इस बात को सोचो कि कोई भूखा कैसे रह सकता है, अपनी प्यास को समझो और दूसरे की प्यास के बारे में भी महसूस करो। मौलाना मुर्तजा ने कहा कि रोजा सिर्फ भूखे पेट का नाम नहीं है। रोजा रखकर आदमी दूसरे के बारे में सोचें और रोजे के आखिरी व ईद के दिन फितरा निकालें और उस दिन फितरा पैसे से अपने पास पड़ोस गरीब असहायों का सहयोग प्रदान करें। इस अवसर पर व्यापार मंडल अध्यक्ष उमाकांत गिरी, इजहार हुसैन, कासिब, कलामू, एजाज जावेद, नूर हसन, कुतुबुद्दीन, सुनील अग्रहरि, सुशील कुमार मोदनवाल, प्रकाश विश्वकर्मा, जमाल, संरक्षक आसिफ आदि उपस्थित रहे।