फसलों को रोगों से बचाने के लिए जिले के सभी राजकीय बीज भंडारों पर कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध हैं। इनमें से किसी पर 50 तो किसी पर 75 फीसदी का अनुदान दिया जाना है। लेकिन इनको वे ही किसान खरीद सकेंगे, जिनका कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन है। अनुदान की धनराशि आनलाइन सीधे किसानों के खाते में 15 दिन के अंदर जाएगी।
फसलों को रोगों से बचाने के लिए जिला कृषि रक्षा अनुभाग द्वारा दवाओं को मंगा लिया गया है। जिले के सभी ब्लाकों में स्थित 21 सरकारी बीज गोदामों पर भी भेज दिया गया है। जिसमें कीटनाशक धूल व ग्रेन्यूल 2425 किग्रा, तरल रसायन 972किग्रा., फफूंदनाशक रसायन 5086, तृणनाशक रसायन 2123किग्रा, मूषनाशक व भ्रमक 153 किग्रा, और बायोपेस्टीसाइड्स 6005 किग्रा, सरकारी बीज गोदामों पर भेजा गया है। बायोपेस्टी साइड्स में ट्राईकोडर्मा हारजेनियम व बावेरिया वैसियाना, बीज शोधन व भूमि शोधन में थीरम, कार्बेंडाजिम, कार्बेंडाजिम प्लस मैंकोजेब, स्ट्रेप्टोमायसीन सल्फेट के मूल्य पर 75 फीसदी और कीटनाशक में क्लोर पायरी फास, डायमेथोएट, क्यूनालफास, मैलाथियान धूल ग्रैन्यूल, खरपतवार नासी में ब्यूटाक्लोर, बिसपायरी बैक, इमिजाथापर व फफूंद नाशक में मैंकोजेब, जिनेब, जिंक फास्फाइड अलमूनियम फास्फाइड के मूल्य पर 50 फीसदी का अनुदान है।
कोट:
सरकारी बीज गोदामों पर अनुदान पर दवा उपलब्ध है।किसान अपना पंजीकरण कराकर अनुदान पर दवा खरीद सकते हैं।अनुदान की धनराशि आनलाइन किसानों के खाते में 15 दिन के अंदर जाएगी।
राजेश कुमार राय
जिला कृषि रक्षा अधिकारी