जौनपुर। इस साल जिले के 733.3 हेक्टेयर ऊसर भूमि को उपजाऊ बनाया जाएगा। ऊसर भूमि सुधार योजना के तहत किए जाने वाले इस काम के लिए चयनित भूमि के किसानों के 138 समूह बनाए गए हैं। इसमें 22 किसान समूहों के बोरिंग कराई गई। इसके तहत 1.46 लाख बोरी से ज्यादा जिप्सम वितरित किया जाएगा। किसानों को तीन रुपए प्रति बोरी की दर से जिप्सम मुहैया कराई जाएगी।
ऊसर भूमि को सुधार कर उपजाऊ बनाने के लिए सरकार द्वारा ऊसर भूमि सुधार योजना का संचालन किया गया है। इसके तहत पहले किसानों के ऊसर भूमि का चयन किया जाता है। इसके बाद चार -चार हेक्टेयर खेतों के किसानों का समूह बनाकर उनको लाभान्वित करने का कार्य किया जाता है। इस दौरान किसान समूहों को एक बोरिंग कराने पर 12 हजार रुपए दिए जाते हैं। उनको तीन रुपये प्रति बोरी की दर से जिप्सम दी जाती है। इस क्रम में चालू वित्तीय वर्ष में जिले के 15 गावों में कुल 733.3 हेक्टेयर ऊसर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए चयन किया गया है। साथ ही चार-चार हेक्टेयर भूमि को बाटकर कुल 138 किसानों का समूह बनाया गया है। इन समूहों के खेतों में 12-12 हजार रुपये देकर बोरिंग भी कराया जा रहा है। इससे पानी भरने में दिक्कत न हो। अभी तक 22 समूहों के यहां बोरिंग भी करा दिया गया है। वहीं उक्त चयनित भूमि के लिए 1.46 बोरी जिप्सम भी वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसानों को तीन रुपये प्रति बोरी की दर से पैसा देना होगा। लेकिन अभी तक विभाग द्वारा एक भी बोरी जिप्सम वितरित नहीं कर सका है।
भूमि का चयन करने के साथ ही किसानों का समूह बना लिया गया है। 22 किसान समूहों के यहां बोरिंग भी करा दी गई है। किसान समूहों को शीघ्र ही तीन रुपये प्रति बोरी की दर से जिप्सम उपलब्ध करा दिया जाएगा।-आनंद कुमार सिंह, परियोजना प्रबंधक, ऊसर भूमि सुधार