जौनपुर। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस की पूर्व संध्या पर भारत विकास परिषद ने नशा मुक्ति संकल्प गोष्ठी का आयोजन रूहट्टा में कर शपथ लिया। नशा मुक्ति के प्रांतीय प्रकल्प प्रमुख विक्रम कुमार गुप्त ने कहा कि दोहरा, गुटखा, सुर्ती, सिगरेट, शराब का सेवन जानलेवा है। इससे सभी को बचना चाहिए। सेवन करने वाले कई लोगों में भ्रांतियां हैं कि नशा छोड़ देने से उन्हें कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। कहा कि नशा मुक्ति के लिए सिर्फ संकल्प और मजबूत इच्छा शक्ति की जरूरत है।
डा. तूलिका मौर्य ने बताया कि तम्बाकू उत्पादकों में खतरनाक रसायन होते हैं जिसके सेवन से कैंसर जैसी बीमारी होती है। डा. गौरव प्रकाश मौर्य ने बताया कि तम्बाकू उत्पादकों को छोड़ने के लिए तत्काल दृढ़ निश्चय करें। इससे होने वाली समस्या से लोगों को अवगत कराएं, तलब लगने पर आंख बंद करके गहरी सांस लें, तलब सिर्फ दो मिनट की होती है। इसके बाद इच्छा समाप्त हो जाती है। इस मौके पर परिषद के सदस्य अतुल सिंह, अध्यक्ष भृगुनाथ पाठक, अंजू पाठक, शालू सिंह, सत्येन्द्र अग्रहरि, महेन्द्र प्रताप चौधरी, अमित श्रीवास्तव, रमेश पांडेय, यूपी सिंह, विकास सिन्हा, विवेक सिंह, अजीत विश्वकर्मा, प्रवीन यादव आदि मौजूद रहे।
जौनपुर। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लोकेश वरुण ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के उपलक्ष्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वाधान में 31 मई 2018 को 11 बजे दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ जौनपुर के हाल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका व न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्तागण की उपस्थिति में एक विधिक सेमीनार का आयोजन किया जा रहा है।
जौनपुर। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के पूर्व संध्या पर नगर के नया बदलापुर पड़ाव कटघरा में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को भविष्य में तम्बाकू न खाने के लिए शपथ दिलाई गई।
गोष्ठी में दंत मुख रोग विशेषज्ञ डा. प्रमोद कुमार ने बताया कि आज के परिवेश में नशा शौक के रूप में फैल रहा है और ज्यादातर शिकार युवा वर्ग के लोग हो रहे हैं। गुटखा, दोहरा व तम्बाकू के सेवन से लोगों में मुख कैंसर की संभावना अधिक होती है। तम्बाकू उपस्थित रासायनिक पदार्थ से मुंह की पतली त्वचा में बदलाव आ जाता है यही बदलाव बाद में अल्सर का रूप ले लेती है। यही बाद में लाइकेन प्लेनल ल्यूको प्लेकिया का कारण बन जाता है। समय पर उचित उपचार न होने से बाद में कैंसर का रूप धारण कर लेता है। तंबाकू के सेवन से फेफड़े का कैंसर, मुंह का कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक अल्सर, दमा, डिप्रेशन आदि भयंकर बीमारियां हो सकती हैं। तंबाकू में कैंसर पैदा करने वाली हानिकारक तत्व जैसे निकोप्टीन, नाइट्रो सामाइंस, बेजोपाइरिस, आर्सेनिक, क्रोमियम, अत्यधिक मात्रा में पाए जाते हैं। जिसमें निकोप्टीन कैडियम और कार्बन मोनो आक्साइड स्वास्थ्य के लिये बेहद हानिकारक है। इस अवसर पर डा. सरोज कुमार, डा. राजेश निगम, प्रवीण श्रीवास्तव, डा. जितेन्द्र यादव, डा. राहुल सिंह, अमित कुमार, मोहित उपाध्याय, प्रभाकर उपाध्याय, सूरज कुमार, कल्लू कटघरा, शैलेन्द्र कुमार, डा. मनोज कुमार, डा. संदीप शर्मा, भैया लाल यादव, राजेंद्र सिद्धार्थ, डा. लालजी प्रसाद आदि उपस्थित रहे।