सुईथाकला। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अवधि लोक संगीत कला महोत्सव का समापन आल्हा के साथ हुआ। आल्हा सुनकर लोग जोश से भर गए।
रायबरेली के रामरथ पांडेय ने ढोलक की थाप पर आल्हा गायन शुरू किया। उन्होंने अपनी ओजपूर्ण गायकी से लोगों को भाव विभोर कर दिया। इसके पश्चात लोकगीत गायक सौरभ ,गौरव पांडेय, सुप्रिया त्रिपाठी ,पूनम सिंह, राजेंद्र त्रिपाठी ने पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति की। श्रुति चोपड़ा, दीपिका द्विवेदी, जूली निगम ने लोक नृत्य कर दर्शकों की जमकर वाहवाही लूटी। कार्यक्रम को गति देते हुए अनुभव संस्कृत दल लखनऊ ने रंगरंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति की। लखनऊ के जादूगर सुरेश राकेश मोहन की टीम ने हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। उन्होंने लोगों को खूब हंसाया भी। आयोजक सर्वांगीण विकास सेवा एकेडमी के अध्यक्ष दयाशंकर पांडेय ने सभी अतिथियों एवं कलाकारों के प्रति आभार जताया। इस मौके पर सूर्यमणि पांडेय, लालचंद शर्मा, रामफेर मिश्रा, इंद्रमणि पांडेय, अंकित मिश्रा ,श्याम नारायण तिवारी, राजेंद्र प्रसाद सिंह , शिव मोहन सिंह ,राजदेव सिंह आदि मौजूद रहे।