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लोक कलाओं को सहेजना नई पीढ़ी का दायित्व

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सुईथाकला। लोक कला समाज में जीवंतता का प्रतीक होता है। इन्हें सहेजना नई पीढ़ी का दायित्व है। यह बातें बातें रविवार की देर शाम अमारी में आयोजित तीन दिवसीय अवधी कला लोक संगीत महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व संयुक्त निर्देशक अशोक कुमार बनर्जी ने कही।
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उन्होंने कहा कि आम जनमानस की उदासीनता के चलते हमारी प्राचीन लोक कलाएं समाप्ति के कगार पर हैं। इन्हें सहेजने के लिए हमें नए सिरे से प्रयास करना होगा। विशिष्ट अतिथि गीत नाटक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश के प्रभारी गोकुल प्रसाद दूबे ने कहा कि यह महोत्सव निश्चित रूप से लोक कलाओं के संरक्षण में मील का पत्थर साबित होगा। इस तरह के आयोजन से समाज इनके प्रति जागरूक होता है। इसके पूर्व महोत्सव का उद्घाटन मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अनुभव सांस्कृतिक दल लखनऊ द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया। जादूगर सुरेश ने अपनी जादुई कला का प्रदर्शन किया। आभार संस्था के अध्यक्ष दयाशंकर पांडे तथा सचिव इंदु प्रकाश मिश्र ने किया। इस अवसर पर पर लालता प्रसाद विश्वकर्मा, मोहम्मद नईम, रामजतन, मुन्नीलाल आदि उपस्थित रहे।
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