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आईएएस और इंजीनियर बनना चाहते हैं टापर

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आईएएस और इंजीनियर बनना चाहते हैं टापर
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बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट घोषित होने के बाद घर में खुशी का माहौल
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले के टापर आईएएस और इंजीनियर, डाक्टर, वैज्ञानिक, प्रोफेसर बनाना चाहते हैं। रविवार को बोर्ड परीक्षा रिजल्ट घोंषित हुआ। हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षा में सोनम यादव और इंटरमीडिएट में पल्लवी श्रीवास्तव टापर रहीं। रिजल्ट घोषित होने के बाद टापर छात्रों में काफी उत्साह है।
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सोनम यादव का कहना है कि वह आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहती है। इसके लिए वह अभी से मेहनत कर रही है। आईएएस बनने के लिए वह तैयारी कर रही है। इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में पहला स्थान पाने वाली छात्रा पल्वली श्रीवास्तव का कहना है कि इंजीनियरिंग के साथ वह प्रशासनिक सेवा में जॉब करना चाहती हैं। वह अभी से आईएएस की तैयारी का लक्ष्य बनाकर पढ़ाई कर रही है। दोनों छात्राएं अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरु को दीं। मुंगराबादशाहपुर के साहबगंज मोहल्ले की प्रिस्मिता गुप्ता का कहना है कि वह मां मीना देवी के प्रेरणा से आगे बढ़ना चाहती है। उसके पिता बचपन में ही साथ छोड़कर चले गए। वह चार बहनों में सबसे छोटी है। हाईस्कूल में 91 प्रतिशत पाने वाली प्रज्ञा सिंह का कहना है कि मेहनत और लगन को अपनी सफलता की कुंजी बना लिया था। मूल रूप से खेतासराय के भदैना गांव निवासी जय प्रकाश सिंह बेटी प्रज्ञा का कहना है कि वह कभी कोचिंग नहीं पढ़ी। इंटरमीडिएट में 89.40 प्रतिश पाने वाले नोमान अहमद का कहना है कि वह प्रतिदिन छ: घंटे पढ़ाई किया करते थे। मेरिट लिस्ट में नाम आएगा सोचा भी नहीं था। गणित पसंदीदा विषय बताते हुए नोमान ने कहा कि वह किक्रेट के शौकीन है और आईआईटी की परीक्षा उत्तीर्ण कर समाज में नाम रोशन करना चाहता है। सुइथाकला के शेखाई गांव निवासी वीर बहादुर सिंह की पुत्री मिताली सिंह इंटर में जिले में दूसरा स्थान प्राप्त की। उसका कहना है कि भविष्य में इंजीनियरिंग करने का शौक है। बक्शा क्षेत्र के रामकिशोर विद्यालय की छात्रा दिशा गुप्ता का कहना है कि उसने अच्छा स्थान प्राप्त करने के लिए काफी मेहनत किया। सरोखनपुर निवासी हर्षिता गुप्ता हाईस्कूल में 91.5 प्रतिशत अंक हासिल की है। उसका कहना है कि वह इंजीनियर बनना चाहती है। अच्छे अंक हासिल करने में अपने दादा जोखनलाल गुप्ता व माता राधारानी को श्रेय देती है। फत्तूपुर निवासी अनंत विक्रम सिंह भी इंजीनियर बनना चाहते हैं। वह अपना प्रेरणाश्रोत अपने बड़े पिता एसपी चंदौली संतोष कुमार सिंह को बताते हैं। सरायभिखारी निवासी संतोष कुमार मौर्य की पुत्री सौम्या मौर्या ने 90.33 प्रतिशत अंक हासिल किया है। वह आईएएस बनना चाहती है।
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