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गर्मी के तेवर हुए तीखे, 41 डिग्री पर पहुंचा पारा

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जौनपुर। गर्मी के तेवर तल्ख हो चले हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 41 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह नौ बजते ही धूप तीखी हो जा रही है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों को स्कूल से लौटते वक्त हो रही है। तेज धूप के साथ गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी है। लोग इस बात से हैरान हैं कि अगर अभी इस कदर गर्मी पड़ रही है तो मई और जून में क्या हाल होगा।
धूप के चलते नौ बजे के बाद से ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। बुधवार को सुबह आठ बजे से ही लू चलने लगी। तेज गर्म हवा के झोंकों से लोग परेशान हो उठे। तेज हवा के चलते सड़कों पर पैदल और साइकल से चलना मुश्किल हो रहा था। दिन चढने के साथ-साथ सूर्य से निकलने वाली कोिरणों की गर्मी बर्दाश्त के बाहर होने लगी। गर्मी के चलते बच्चे और बुजुर्गों को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही। गर्मी के कारण लोग बार-बार लगने वाली प्यास को बुझाने के लिए ठंडा पानी व अन्य शीतल पेय का सहारा ले रहे हैं। घर से बाहर निकलने वाले गर्मी व लू से बचने का पूरा इंतजाम करने के बाद ही निकल रहे हैं। खुले में सूर्य की किरणों से बचने के लिए सिर पर गमछा, टोपी रखकर ही लोग निकल रहे हैं। राह चलते लोग छांव की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर भटकते देखे जा सकते हैं। गर्मी की वजह से पक्षियों की चहचआहट भी दिन भर खामोश रह रही है। पक्षियों को गर्मी से निजात दिलाने के लिए लोगों ने घर की छतों व अन्य छाया वाले स्थानों पर बर्तनों में पानी रखना शुरू कर दिया है। वहीं शीतल पेयजल व शर्बत आदि की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगने लगी है। हालांकि लोगों का यह भी मानना है कि तेज गर्मी के चलते इस साल मानसून समय से पहले आा सकता है।
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गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
जौनपुर। गर्मी से बच्चों को दस्त व उल्टी की शिकायत अधिक होती है। इस कारण बच्चों को लू से बचाना जरूरी है। वरिष्ठ चिकित्सक डा. विवेक मिश्र का कहना है कि 40 डिग्री तापमान होने के बाद बच्चों तथा बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होने बताया कि गर्मी में पानी से फैलने वाली बीमारियां जैसे डायरिया, उल्टी, टाइफाइड, दस्त, तेज बुखार आदि का खतरा बढ़ जाता है। मौसम में बदलाव होने के कारण खाना भी अच्छा नहीं लगता है। इसलिए खाने में भी बदलाव करना चाहिए। अगर बच्चा बीमार हो जाए तो तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। बचाव के लिए घर में स्वच्छ पानी, नींबू, नमक व शक्कर की व्यवस्था रखें। घर से बाहर निकलने से पहले शीतल पेय का सेवन करें। गर्मी के मौसम में ठंडी तासीर वाली खाद्य सामग्री का प्रयोग करें। स्लाद में ककड़ी, खीरा, प्याज व तरबूज का प्रयोग करें। दही, ठंडाई, सत्तू का खानपान में प्रयोग करें। ये गर्मी से राहत दिलाते है। एसी कमरों व वाहनों से निकलकर सीधे धूप में न जाएं।
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