करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेंसी संस्थान में मूल्यांकन कर रहे परीक्षकों ने परिसर में ही नास्ता और भोजन दोनों दिए जाने की मांग उठाई है। परीक्षकों का कहना है कि उन्हें नास्ता मिल जाता है लेकिन भोजन के लिए बाहर भटकना पड़ता है। यदि उन्हें परिसर में नास्ता और भोजन मिल जाए तो समय बचने के साथ भटकना नहीं पड़ेगा।
मेरठ और आगरा यूनिवरसिटी में बाह्य परीक्षकों को नास्ता और भोजन दिया जाता है। यदि इसी तरह से पूविवि में भोजन नास्ता दिया जाए तो परीक्षकों को काफी राहत मिलेगी । पूर्वांचल विवि नास्ता और भोजन दोनों को मिलाकर 70 रूपये में देता तो काफी सुविधा मिलती। मूल्याकंन केंद्र पर 35 रूपये में परीक्षकों को नास्ता दिया जा रहा है। लेकिन दोपहर में खाने का कोई इंतजाम नहीं है। तीन केन्द्रों पर 510 परीक्षक लगाए गए है। जिसमें 4 लाख 60 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्याकंन सोमवार तक हो चुका है। मुख्य परीक्षा में 35 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्याकंन होना है। जिसमें मैकेनिकल वर्कशाप में पत्रकारिता, सैन्य विज्ञान, गृहविज्ञान, जीवविज्ञान, फिजीक्स, और शिक्षा शास्त्र का मूल्याकंन कराया जा रहा है। फार्मेषी भवन में दो सेन्टरो पर सोमवार से मूल्याकंन शुरू हो गया। जिसमें एक सेन्टर पर राजनितशास्त्र दूसरे केन्द्र पर समाजशास्त्र का मूल्याकंन हो रहा है। गाजीपुर से वाह्य परीक्षक राजनीतशास्त्र के नारायण राज का कहना है कि विवि प्रशासन को परिसर में नास्ता के साथ दोपर के खाने की भी व्यवस्था करनी चाहिए ताकी शिक्षकों को राहत मिले।