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17 हजार शिकायतों की जांच के बाद नहीं हो सका है डिमांड जनरेट

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जौनपुर। जिले में 23 हजार किसानों को फसल ऋण मोचन योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। बैंक उन पर पैसे जमा करने के लिए दबाव बना रहे हैं। इन किसानों ने कर्ज राहत पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराी है। कृषि विभाग ने इनमें से 17 हजार शिकायतों की जांच की है और उन्हें पात्र पाया है। मगर अब तक उनके लिए शासन से पैसा नहीं मांगा जा सका है। विभाग छह हजार किसानों की तो अब तक जांच भी नहीं कर पाया है। एनपीए खातों में भी अभी आधे से कम के कर्ज माफी के लिए विभाग ने धन मांगा है।
फसली ऋण मोचन योजना के तहत जिले में 64,844 किसानों का 353.86 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया है। बैंकों और कृषि विभाग की लापरवाही के चलते 23 हजार से ज्यादा किसान योजना लाभ पाने से वंचित रहे हैं। उन्होेंने आनलाइन अपनी शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायतें जांच के लिए कृषि विभाग भेजी गई हैं। विभाग ने 17 हजार किसानों की जांच कर ली है और उन्हें पात्र पाया है। उनका विवरण बैंकों को भेज दिया गया है। ऐसे लोगों के कर्ज माफी के लिए अभी बैंकों ने डिमांड ही जनरेट नहीं किया है। इस बीच तीन साल बंद एनपीए हो चुके खातों का कर्ज माफ करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक 11 हजार एनपीए खाते वाले किसानों को चिह्नित किया गया है। उनकी जांच के बावजूद अभी बैंकों ने 3477 किसानों की डिमांड जेनरेट की है। 7523 एनपीए खातों के कर्ज माफी पर अभी भी रहस्य बना हुआ है।
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कोट:
कर्ज राहत पोर्टल पर आ रही शिकायतों का बैंकों व तहसील के माध्यम से जांच कराया जा रहा है। अभी तक कुल 23 हजार शिकायतें आई है। जिसमें से अभी तक 17 हजार शिकायतों की जांच कर ली गई है। जिसका शीघ्र ही डिमांड जनरेट कर दिया जाएगा। शेष शिकायतों की जांच करने का कार्य किया जा रहा है।-अमित कुमार चौबे, जिला कृषि अधिकारी
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