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क्रय केंद्रों पर हो रही घटिया गेहूं की खरीद

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जौनपुर। क्रय केंद्रों पर घटिया गेहूं की खरीद की जा रही है। इसका खुलासा सिकरारा विकास खंड के क्रय केद्रों की जांच में हुआ है। जिलाधिकारी ने गेहूं के नमूने को जांच के लिए भेजा है और पीसीएफ के एक केंद्र के प्रभारी को निलंबित करने का आदेश दिया है।
जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने मंगलवार को सिकरारा क्षेत्र के तीन क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया था। गुणवत्ता पर संदेह होने पर उन्होंने गेहूं के नमूने लिए थे। जिलाधिकारी ने बताया कि गेहूं की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं है। घटिया क्वालिटी के गेहूं खरीद पर केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्रों किसानों को सुविधा नहीं मिलती तो वे तहसील स्तर पर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी से शिकायत कर सकते हैं।
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जिले में आठ एजेंसियों के माध्यम से 62 हजार टन गेहूं खरीद का लक्ष्य है। केंद्रों पर दस अप्रैल तक 872 टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। गेहूं की खरीद खाद्य विभाग को 1.8 करोड़, पीसीएफ को 1.5 करोड़, यूपी एग्रो को आठ लाख, कर्मचारी कल्याण निगम को 30 लाख, नैफेड को 10 लाख, भारतीय खाद्य निगम को दो लाख, पीसीयू को 12 लाख, पंजीकृत समिति को 12 लाख, एनसीसीएफ को 15 लाख रुपये दिए गए हैं। इस बार समर्थन मूल्य 1735 रुपये है और गेहूं उतराई के लिए 10 रुपये अलग से दिए जा रहे हैं। आठ एजेंसियों के माध्यम से 129 क्रय केंद्रों पर तीन अप्रैल से गेहूं की खरीद की जा रही है। जिले में 534 गांठ बोरे उपलब्ध हैं और भी बोरों की मांग की गई है।

मानक के विपरीत खरीद पर होगा मुकदमा
जौनपुर। जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी ने चेतावनी दी कि मानक के विपरीत गेहूं की खरीद करने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही रिकवरी भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेहतर हो की सब अपने इलेक्ट्रानिक कांटों की जांच करा लें। उन्होंने हर केंद्र पर छाया और पानी की व्यवस्था करने को कहा।
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कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में जिला खाद्य विपणन अधिकारी महेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि खरीद 15 जून तक होगी। अवकाश को छोड़कर अन्य दिनों में क्रय केंद्र खुले रहेंगे। जिन किसानों का धान खरीद के लिए पंजीकरण किया गया था उन्हें गेहूं के लिए पंजीकरण करने की जरूरत नहीं है। कोई किसान पंजीकरण के बगैर गेहूं लेकर आता है तो वह जरूरी दस्तावेज लाए उसका पंजीकरण क्रय केंद्र पर ही कर लिया जाएगा। डीएम ने कहा कि गेहूं खरीद सीधे किसानों से की जाए। वहीं बोरे में भरा जाए। बोरा किसी दशा में वितरित न किया जाए। मंडी समिति द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले किसी भी यंत्र के खराब होने पर उसे तुरंत बदल लें।
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