सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो सप्ताह से ऐंटीरैबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। जिससे पीड़ितों का दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित बाहर से महंगे दाम पर एंटीरैबीज इंजेक्शन खरीदकर लगवाने को विवश है। जिससे उनको आर्थिक चपत भी लग रही है।
मछलीशहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नगर पंचायत सहित अन्य दूर दराज के इलाकों से लोग अपना उपचार करवाने आते हैं। सीएचसी पर दो सप्ताह से ऐंटीरैबीज इंजेक्शन नहीं है जिससे मरीज अस्पताल से वापस जाकर बाहर से ऐंटीरैबीज इंजेक्शन खरीदकर लगवा रहे हैं। इससे उनको दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान ऐंटीरैबीज इंजेक्शन लगवाने आए पवारा कुडरिया गांव निवासी अरविंद पटेल ने बताया कि मेरे बेटे को कुत्ते ने काट लिया। दो दिन पहले ऐंटीरैबीज इंजेक्शन लगवाने आये थे। लेकिन इंजेक्शन नहीं था। जिससे बाजार से खरीद कर लगवाना पड़ा। दूसरा ऐंटीरैबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए बुधवार को पुन: आया तो बाहर से ही खरीदकर इंजेक्शन लगवाना पड़ा। इसी तरह घघरिया गांव के महावीर ने बताया कि बुधवार की सुबह उन्हें कुत्ते ने काट लिया। वे इंजेक्शन लगवाने आये है। लेकिन इंजेक्शन बाहर से खरीद कर लगवाना पड़ा।
कोट:
एंटीरैविज इंजेक्शन जिले पर ही समाप्त हो गया है। इससे वहां से आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिले में एंटीरैबिज आने के बाद सीएचसी में भी उपलब्ध हो जाएगा।
डा. रफीक फारुकी
अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछलीशहर