वासंतिक नवरात्र के पांचवे दिन मां की पूजा स्कंदमाता के रूप में हुई। पूजा अर्चना के लिए देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शीतला चौकियां और मैहर देवी मंदिर, सिटी स्टेशन स्थित मां काली मंदिर में श्रद्घालुओं की भीड़ रही। देवी मंदिरों में मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की आराधना की गई। देवी का यह स्वरूप मातृ शक्ति के रूप में जाना जाता है।
उधर शहर के दक्षिणी छोर पर सिटी स्टेशन रेलवे क्रासिंग के पास स्थापित श्री मां आद्याशक्ति दक्षिणा काली मंदिर में सुबह से दर्शन पूजन के लिए भक्तों की भीड़ रही। भोर में ही मंदिर का कपाट पूजन अर्चन के बाद भक्तों के लिए खुल गया। नवरात्रि के पहले दिन से ही मां भक्तों की भारी भीड़ हो रही है। श्रद्धालु नारियल, चुनरी व गुड़हल की माला चढ़ाकर माता का दर्शन कर रहे हैं। मंदिर के संस्थापक व पुजारी भागवती सिंह ‘वागीश’ ने प्रवचन के दौरान बताया कि यह स्थलीय काली जी की सनातनी सिद्धपीठ है। जो भक्तों के भाग्य का नवसृजन कर देती हैं। ज्ञान, भक्त, बैराग्य का संवर्धन कर शांति, भक्ति, आनंद समृद्धि एवं पार करुणा का विस्तार कर देती हैं। कलयुग में काली जी की कृपा पार है। जो व्यक्ति सच्चे मन से मां के नाम का स्मरण करता है उसके भाग्य का कपाट खुल जाता है। पूर्णश्रद्धा एवं अटल विश्वास के साथ मां का उपासना सदैव कल्याणकारी होता है। कलयुग में काली जी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
वासंतिक नवरात्रि के उपलक्ष्य में केराकत के प्राचीन काली मंदिर में प्रत्येक दिन कीर्तन-भजन चल रहा है जहां जय माता दी के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज जा रहा है। यह आयोजन जय मां काली कीर्तन संघ केराकत के बैनर चल रहा है। संघ के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्ता टोली बनाकर ढोल-मजीरा के साथ भजन-कीर्तन कर रहे हैं। स्थानीय कस्बे के पुराने चौराहे पर स्थित ऐतिहासिक मंदिर से निकली टोली क्षेत्र भ्रमण करते हुए पुन: मंदिर प्रांगण पहुंचकर समाप्त हो जा रही है। इस दौरान मां काली का जयघोष किया जा रहा है जिससे पूरा वातावरण गूंज उठा। भजन-कीर्तन टीम में संतोष प्रजापति, मनोज कमलापुरी, रितिक गुप्ता, दुर्गेश कुमार, शुभम गुप्ता, मेघनाद गुप्ता, डबलू प्रजापति के अलावा तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता सहित क्षेत्रीय लोग शामिल रहे।