जौनपुर। जिन किसानों के खाते नान परफर्मिंग एसेट (एनपीए) में चले गए हैं। उनके खाते से लेनदेन बंद है। जिले में ऐसे 14 हजार किसानों का सरकार कर्ज माफ करेगी। इसके लिए उनका विवरण जुटाया जा रहा है। तहसील व बैंकों ने किसानों का सत्यापन शुरू कर दिया है। जिनका सत्यापन होता जा रहा है, उनके नाम कंप्यूटर में फीड किए जा रहे हैं।
फसली ऋण मोचन योजना के तहत पहले नियमित खाता धारक किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ कर दिया गया है। जिनका मार्च 2016 से पहले एक लाख रुपया बकाया था। इस दौरान 60 हजार 505 किसानों का 348 करोड़ रुपये कर्ज माफ किया जा चुका है। इसके बाद अब विभाग उक्त योजना के तहत मार्च 2016 से पहले एनपीए खाता हो चुके किसानों का कर्ज माफ करने में जुट गया है। कर्ज माफ होने के बाद किसान बैंकों से फसली ऋण ले पाएंगे। एनपीए खाता में एक लाख रुपये तक का बकाया होने पर उसे पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा जबकि उससे अधिक बकाया होने पर 75 फीसदी रकम किसान को जमा करनी होगी 25 फीसदी धन बैंक जमा करेगा। मार्च 2016 से पहले खाता एनपीए होने वालों को ही लाभान्वित किया जाएगा। बैंकों के रिकार्ड के मुताबिक ऐसे 14 हजार किसान जिले में हैं। खाता एनपीए हो चुका है। इन किसानों के सत्यापन का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। इनका सत्यापन तहसील व बैंक के कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है।
14 हजार किसान ऐसे हैं, जिनका खाता ीएनपीए हुआ है। उनका फसली ऋण मोचन योजना के तहत ऋण शीघ्र ही माफ किया जाएगा। इसके लिए तहसील व बैंकों द्वारा सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। सत्यापन के बाद इन किसानों का नाम वेब साइट पर फीड किया जा रहा है।-अमित कुमार चौबे, जिला कृषि अधिकारी