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सारे समस्याओं के समाधान की कुंजी है प्रज्ञा पुराण कथा

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कथा वाचक संतोष शर्मा
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सतहरिया। प्रज्ञापुराण कथा मामूली नहीं है। वह जीवन रुपी नांव का खेवनहार है। उक्त बातें शांति कुंज हरिद्वार से आए आचार्य संतोष शर्मा ने सोमवार को मुंगराबादशाहपुर में स्थित मां गायत्री शक्तिपीठ पर आयोजित प्रज्ञा पुराण कथा के पहले दिन कहा।
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उन्होंने कहा कि प्रज्ञापुराण कथा ज्ञान रुपी गंगा है। इसमें निर्मल मन से डुबकी लगाने वाला प्राणी सद्ज्ञान रुपी महाप्रसाद का लाभ्यार्थी बन जाता है।साथ ही उसका जीवन सुखमय हो जाता है। उन्होंने कहा कि वेद को समझने के लिए ज्ञानी व योगी बनना होगा। तभी वेद के मूल भाव को समझा जा सकता है। बुद्धि व विवेक का सद् उपयोग नहीं करने और उसके समुचित विकास की तरफ ध्यान नहीं देने के कारण इस धरा धाम का हर प्राणी अभाव ग्रस्त जीवन जीने के लिए विवश हो गया है। चाहे वह राजा हो या रंक हो। मानसरोवर की मोती सिर्फ हंस के तकदीर में लिखा हुआ है।वहीं ज्ञान मयी मोती को प्राप्त करने के लिए हरि नाम का कीर्तन-भजन जपना होगा।तभी जाकर ज्ञान मयी मोती प्राप्त होगी। उन्होंने ने भजन की महत्ता को बताते हुए कहा कि भजन ब्यक्ति का साथ अंतिम क्षण तक निभाता है। प्रज्ञा पुराण कथा सारे समस्याओं के समाधान की कुंजी है। कार्यक्रम का संचालन शक्ति पीठ के आचार्य गुलाब ने किया।
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